होली पर घर लौट रहे प्रवासियों की होगी HIV जांच:बेगूसराय में एड्स नियंत्रण के लिए मिशन, 15 केंद्रों पर लगेंगे कैंप, स्टेशन पर उतरते ही होगा टेस्ट

होली पर घर लौट रहे प्रवासियों की होगी HIV जांच:बेगूसराय में एड्स नियंत्रण के लिए मिशन, 15 केंद्रों पर लगेंगे कैंप, स्टेशन पर उतरते ही होगा टेस्ट

रंगों के त्योहार होली पर परदेस से घर लौटने वाले प्रवासियों के साथ-साथ उनके परिवारों की सेहत की सुरक्षा के लिए बेगूसराय स्वास्थ्य विभाग ने एक मुहिम छेड़ी है। बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देश पर एचआईवी (HIV) और सिफलिस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया जाएगा। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाहर से आने वाले प्रवासी अनजाने में जिले में एड्स मरीजों की संख्या में वृद्धि का कारण न बनें। इसके लिए सदर अस्पताल में जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। निर्णय लिया गया है कि 24 फरवरी से 10 मार्च तक जिले के 15 चिन्हित स्थानों पर विशेष स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे।अभियान का शुभारंभ 24 फरवरी को बेगूसराय रेलवे स्टेशन से किया जाएगा, जहां ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों की रैंडम जांच की जाएगी। इसके अलावा बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों को भी इस माइक्रो प्लानिंग का हिस्सा बनाया गया है। भारत सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने 1 दिसंबर 2026 तक एचआईवी नियंत्रण के क्षेत्र में ’95:95:99′ का वैश्विक लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लिया है। इस योजना का अर्थ है 95 प्रतिशत संक्रमितों को उनकी बीमारी के बारे में पता हो। 95 प्रतिशत चिन्हित मरीजों का इलाज (ART) शुरू हो चुका हो। 99 प्रतिशत मरीजों के शरीर में वायरस का लोड नगण्य (Undetectable) हो जाए। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार ने बताया कि इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बेगूसराय में प्रवासियों की एचआईवी एवं सिफलिस जांच को अनिवार्य स्तर पर ले जाने की तैयारी है। संक्रमण के स्थानीय प्रसार का खतरा बढ़ जाता रिपोर्टों के अनुसार बेगूसराय में वर्तमान में 6922 एचआईवी/एड्स संक्रमित मरीज रजिस्टर्ड हैं। यह संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर लाखों की संख्या में मजदूर और कामगार दिल्ली, मुंबई और पंजाब जैसे राज्यों से वापस आते हैं। यदि इनमें से कोई संक्रमित होता है, तो संक्रमण के स्थानीय प्रसार का खतरा बढ़ जाता है। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार ने बताया कि हमारा उद्देश्य किसी को डराना नहीं, बल्कि समय रहते पहचान और इलाज सुनिश्चित करना है। परदेस से आने वालों से अपील है कि वे स्वेच्छा से जांच कराएं, जिससे उनका परिवार सुरक्षित रहे। जांच पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और संक्रमित पाए जाने पर तत्काल निशुल्क इलाज की व्यवस्था की जाएगी। रंगों के त्योहार होली पर परदेस से घर लौटने वाले प्रवासियों के साथ-साथ उनके परिवारों की सेहत की सुरक्षा के लिए बेगूसराय स्वास्थ्य विभाग ने एक मुहिम छेड़ी है। बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देश पर एचआईवी (HIV) और सिफलिस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया जाएगा। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाहर से आने वाले प्रवासी अनजाने में जिले में एड्स मरीजों की संख्या में वृद्धि का कारण न बनें। इसके लिए सदर अस्पताल में जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। निर्णय लिया गया है कि 24 फरवरी से 10 मार्च तक जिले के 15 चिन्हित स्थानों पर विशेष स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे।अभियान का शुभारंभ 24 फरवरी को बेगूसराय रेलवे स्टेशन से किया जाएगा, जहां ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों की रैंडम जांच की जाएगी। इसके अलावा बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों को भी इस माइक्रो प्लानिंग का हिस्सा बनाया गया है। भारत सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने 1 दिसंबर 2026 तक एचआईवी नियंत्रण के क्षेत्र में ’95:95:99′ का वैश्विक लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लिया है। इस योजना का अर्थ है 95 प्रतिशत संक्रमितों को उनकी बीमारी के बारे में पता हो। 95 प्रतिशत चिन्हित मरीजों का इलाज (ART) शुरू हो चुका हो। 99 प्रतिशत मरीजों के शरीर में वायरस का लोड नगण्य (Undetectable) हो जाए। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार ने बताया कि इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बेगूसराय में प्रवासियों की एचआईवी एवं सिफलिस जांच को अनिवार्य स्तर पर ले जाने की तैयारी है। संक्रमण के स्थानीय प्रसार का खतरा बढ़ जाता रिपोर्टों के अनुसार बेगूसराय में वर्तमान में 6922 एचआईवी/एड्स संक्रमित मरीज रजिस्टर्ड हैं। यह संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर लाखों की संख्या में मजदूर और कामगार दिल्ली, मुंबई और पंजाब जैसे राज्यों से वापस आते हैं। यदि इनमें से कोई संक्रमित होता है, तो संक्रमण के स्थानीय प्रसार का खतरा बढ़ जाता है। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार ने बताया कि हमारा उद्देश्य किसी को डराना नहीं, बल्कि समय रहते पहचान और इलाज सुनिश्चित करना है। परदेस से आने वालों से अपील है कि वे स्वेच्छा से जांच कराएं, जिससे उनका परिवार सुरक्षित रहे। जांच पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और संक्रमित पाए जाने पर तत्काल निशुल्क इलाज की व्यवस्था की जाएगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *