भिण्ड. नेशनल हाईवे 719 पर छीमका के कुख्यात ब्लैक स्पॉट ने एक बार फिर पांच जिंदगियां निगल लीं। भीषण टक्कर के बाद सडक़ पर बिखरी लाशें, चीखते परिजन और बदहवास घायल—रात का यह मंजर जिसने देखा, सिहर उठा। हादसे में फूप अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट अतुल शिवहरे और गुना में पदस्थ रिटायर्ड फौजी पटवारी जगदीश सिंह भदौरिया सहित पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद लोगों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी नाराजगी देखी गई। सोशल मीडिया पर भी जिले के नेताओं के खिलाफ पोस्ट शेयर की जा रही हैं।
वैन चालक को टोका पर वह नहीं माना
खंडवा में मजदूरी करके लौटे मेवाराम तिवारी निवासी राय की पाली गोहद अपने साथी सुखवीर यादव निवासी कल्यानपुरा के साथ रात में करीब एक बजे अन्य लोगों के साथ वैन में सवार होकर गोहद के लिए निकले थे। रास्ते में वैन चालक तेज गति से चला रहा था कई बार सुखवीर ने उसे टोका भी लेकिन वह नहीं माना। मेवाराम ने बताया कि हादसे के बाद उसे जब होश आया तो एक पैर जमीन पर और वह कार में फंसा था। उसने आवाज लगाई तब एक युवक ने कुछ देर बाद वहां आकर खिडक़ी खोली तो वह बाहर निकल सका। हादसे के बाद मायाराम सुद बुध खो बैठे और उन्होंने बेटे को फोन कर पूछा कि मैं कहां हूं। बेटे ने कहा पापा आप तो खंडवा से आ रहे हो। पुलिस ने जब एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया वहां जाकर होश आया कि हादसा हुआ है।
इन परिवारों को मिला जीवनभर का दर्द
18 फरवरी 2025 को जवाहरपुरा में डंपर ने लोङ्क्षडग में टक्कर मारी थी। जिसमें 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में 18 लोग घायल हुए थे। यह दिल दहलाने वाला हादसा था।
5 मई 2025 को मेहगांव में पिड़ौरा गे पास एक कार और बाइक की भिड़ंत में चार लोगों की मौके पर ही मौत हुई थी। घायलों को विधायक ने अस्पताल पहुंचाया था।
30 सितंबर को फूप के पास टेड़ी पुलिया पर केंटर ने दो बाइकों को टक्कर मार दी थी। जिसमें एक ही परिवार के चार लोगों के साथ कुल पांच की मौके पर ही मौत हो गई थी।
5 जनवरी को शहर के मेला ग्राउंड के पास हाईवे के बायपास पर भीषण हादसे में मां-बेट की दर्दनाक मौत हो गई थी।
26 नवंबर को पुलिस भर्ती के लिए दीनपुरा के पास दौड़ रही एक युवती को डंपर ने रौंद दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
29 जनवरी को मालनपुर में टोल टैक्स के पास ट्रक ने कार में टक्कर मार दी थी। जिसमें चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
सत्तापक्ष के नेता मूक
हाईवे को लेकर हम तो मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन सत्तापक्ष के विधायक बोल नहीं रहे हैं। इटावा पुल का भूमि पूजन हो रहा है, लेकिन प्रदेश का हाईवे बेजान पड़ा है। मुझे तो लगता है कि टोल से सत्तापक्ष को कमीशन पहुंच रहा है।
केशव देसाई, विधायक गोहद
हादसा दर्दनाक है। हाईवे को लेकर पूर्व में भी मुद्दा उठाया था। विधानसभा में भी हाईवे की मांग फिर रखेंगे। सरकार भी गंभीर है। हाईवे स्वीकृत है, उसकी प्रक्रिया भी चल रही है। जल्द ही कार्य शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे।
राकेश शुक्ला, कैबिनेट मंत्री


