प्रयागराज के नैनी में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के बाद हुए बवाल के दौरान पुलिस का एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला। अफरातफरी, नारेबाजी और तनाव के बीच एक मार्मिक दृश्य ने सभी का ध्यान खींच लिया। हंगामे के दौरान मृत महिला का एक साल का बेटा सड़क पर अपनी मां को ढूंढते हुए रो रहा था। भीड़ और शोरगुल के बीच वह बिलखता रहा। तभी मामा भांजा चौकी प्रभारी कुलदीप उपाध्याय आगे बढ़े और बच्चे को अपनी गोद में उठा लिया। 10 मिनट तक सीने से चिपकाए रखा
करीब 10 मिनट तक मासूम उनके सीने से चिपका रहा। चौकी इंचार्ज उसे चुप कराते रहे और हालात सामान्य होने तक अपनी गोद में ही संभाले रखा। इस दौरान बच्चा कभी भीड़ को देखता तो कभी इधर-उधर, मानो अपनी मां को तलाश रहा हो। बाद में बच्चे के पिता के कहने पर उसे सौंप दिया गया। मिसाल पेश की, सभी ने सराहा
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तनावपूर्ण माहौल में पुलिस का यह व्यवहार बेहद भावुक कर देने वाला था। जहां एक ओर हालात बिगड़ने की आशंका थी, वहीं चौकी इंचार्ज ने न केवल संयम बनाए रखा बल्कि एक मासूम को सहारा देकर मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की।


