पीलीभीत में माध्यमिक शिक्षा विभाग के फर्जी शिक्षक वेतन घोटाले में आरोपी अर्शी खातून की जमानत अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने शनिवार को खारिज कर दी। इस मामले में करीब 1 करोड़ 1 लाख 55 हजार 135 रुपए के गबन का आरोप है। अर्शी खातून जिला कारागार में बंद हैं, जबकि इस घोटाले का मास्टरमाइंड और उनके पति इल्हाम उर्र रहमान शम्सी अभी भी फरार है। अर्शी खातून, जो जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय के चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी की पत्नी हैं, ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। 19 फरवरी को सदर कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के बाद, उनके अधिवक्ता ने शनिवार को सत्र न्यायालय से वह अर्जी वापस ले ली। अब उनके पास सत्र न्यायालय में नई नियमित जमानत अर्जी दाखिल करने का विकल्प है। इस बड़े गबन का खुलासा 14 फरवरी को DIOS राजीव कुमार ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर किया था। आरोप है कि बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज का चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी पिछले आठ वर्षों से विभाग में अपनी पैठ बनाए हुए था। उसने अपनी पत्नी अर्शी खातून के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सरकारी धन का गबन किया। पुलिस ने इल्हाम और अर्शी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं (316(5), 338, 336(3), 340, 61(2)) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अर्शी की गिरफ्तारी के बाद, मास्टरमाइंड इल्हाम का पूरा परिवार शहर के मोहल्ला पंजाबियान स्थित अपने आवास पर ताला लगाकर गायब हो गया है। पुलिस की कई टीमें इल्हाम की तलाश में दबिश दे रही हैं, लेकिन वह अभी भी गिरफ्त से बाहर है। इल्हाम की अग्रिम जमानत पर अब 26 फरवरी को सुनवाई होनी है।


