नगरीय क्षेत्र में जनगणना अभियान की तैयारियां शुरु हो गईं। मुख्य जनगणना मई से शुरू होगी। लेकिन इससे पहले मकान गणना होगी। शहरी क्षेत्र में ब्लाक बनाने से पहले मकानों में नंबरिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
21 फरवरी से मकानों में नंबरिंग की प्रक्रिया शुरू
निगम आयुक्त प्रियंका सिंह राजावत के नेतृत्व में आयोजित बैठक के दौरान नियुक्त चार्ज अधिकारियों और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को अभियान की बारीकियां बताई गईं। समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। 21 फरवरी से गणनाकर्ता फील्ड में मकानों में नंबरिंग की प्रकिया शुरू कर दी है।
गणना की शुरुआत बाएं से दाएं दिशा में होगी
निगम कार्यालय में समीक्षा के दौरान 10 दिन के भीतर वार्ड स्तर पर चार्ज अधिकारियों के निर्देशन में इंजीनियर एवं एआरआई द्वारा ब्लॉक गठन किया जाएगा। प्रत्येक वार्ड में 200 सेंसस हाउस को मिलाकर एक ब्लॉक बनाया जाएगा। गणना की शुरुआत बाएं से दाएं दिशा में की जाएगी। यह भी स्पष्ट किया कि वार्ड की सीमा किसी भी स्थिति में ब्लॉक की सीमा को इंटर सेक्ट नहीं करेगी। स्लम ब्लॉक सामान्य ब्लॉकों से पृथक रखे जाएंगे।
घर-घर नंबरिंग, नंबर मिटाने पर होगी कार्रवाई
10 दिन की अवधि में मकानों का सूचीकरण होगा। नियुक्त कर्मचारी को घर-घर नंबरिंग करने ऑयल पेंट, ब्रश, रजिस्टर सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। घरों पर नंबरिंग डब्ल्यूबीसी प्रारूप में की जाएगी। वार्ड नंबर, ब्लॉक नंबर एवं सेंसस हाउस नंबर अंकित रहेगा।
महत्वपूर्ण निर्देश एवं कानूनी चेतावनी
घर की दीवार पर अंकित सेंसस नंबरों को मिटाए या बदले नहीं जाएंगे। सेंसस से संबंधित विवरण को मिटाना या नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। और ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से इस विषय में पूर्ण सहयोग की अपील की गई है।
एन्यूमरेटर फील्ड में सूचनाओं का करेंगे संकलन
मकानों के सूचीकरण और ब्लॉक की सीमाओं की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। प्रारंभिक चरण पूर्ण होने के बाद एन्यूमरेटर ( प्रगणक ) फील्ड में उतरकर जनसंख्या एवं अन्य आवश्यक सूचनाओं का संकलन करेंगे।
सही जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह
जनता से अनुरोध किया गया कि शासकीय कर्मचारियों द्वारा पूछीं जाने वाली जानकारी सही, स्पष्ट एवं पूर्ण रूप से उपलब्ध कराएं, जिससे शासन भविष्य की योजनाओं को जन आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन कर सके।


