सोनभद्र के ओबरा में 21 फरवरी को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) का विधानसभा स्तरीय शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वक्ताओं ने मछुआ समुदाय को संविधान में सूचीबद्ध श्रेणी में शामिल करने और ओबीसी सूची से हटाने की मांग उठाई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऐतिहासिक और खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद सोनभद्र जनपद शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में अपेक्षित विकास से वंचित है। ओबरा क्षेत्र में मछुआ समुदाय की बड़ी संख्या को देखते हुए, समाज को संविधान में सूचीबद्ध श्रेणी में शामिल करने तथा ओबीसी सूची से नाम हटाने की मांग पर जोर दिया गया। सभा में आरक्षण, संविधान और लोकतंत्र की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल दिया गया। मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि मछुआ समुदाय को संविधान की सूचीबद्ध श्रेणी में शामिल करने और ओबीसी सूची से नाम हटाने की मांग की गई है। उन्होंने सामाजिक न्याय समिति का उल्लेख करते हुए कहा कि मिल्क मैन (दुग्ध उत्पादक) को 27 प्रतिशत और लेदरमैन (चर्मकार) को 23 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। ऐसे में ‘अदरमैन’ (अन्य समुदाय) के लिए सरकार कानून बनाकर मदद कर रही है। मंत्री निषाद ने प्रधानमंत्री मत्स्य योजना, आयुष्मान भारत, किसान क्रेडिट कार्ड और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ समुदाय को अधिक से अधिक दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय बढ़ाने संबंधी फाइल प्रक्रिया में है और जल्द ही कैबिनेट में इस पर निर्णय लिया जाएगा। जातीय बैठकों के संबंध में उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात रखने और समस्याओं को जानने का अधिकार है, और सभी को कानून से सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार में गरीब ब्राह्मणों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है, जिससे उन्हें नौकरी के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।


