मोतिहारी में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पताही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं मिली हैं। इन दवाओं को कथित तौर पर छुपाने के उद्देश्य से एक खंडहरनुमा भवन में फेंका गया था। घटना का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। टीम को विस्तृत जांच के दिए गए निर्देश यह मामला पताही प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन दिलीप कुमार ने तत्काल एक जांच टीम का गठन किया है। टीम को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। गठित जांच टीम में अपर अधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शफी इमाम, औषधि निरीक्षक रईस आलम और जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी शामिल हैं। टीम ने सीएचसी परिसर पहुंचकर उस भवन का निरीक्षण किया, जो पहले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के आवासीय उपयोग के लिए आवंटित था। टीम ने स्वास्थ्य कर्मियों से की पूछताछ इसी जर्जर भवन में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं फेंकी हुई मिलीं। टीम ने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से दवाओं को इस तरह फेंके जाने के संबंध में पूछताछ भी की। जांच के बाद टीम के अधिकारियों ने बताया कि सिविल सर्जन के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट जल्द ही सिविल सर्जन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शंकर बैठा, डॉ. मोहनलाल प्रसाद और सीएचसी प्रबंधक राजकुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर उपस्थित थे। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोतिहारी में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पताही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं मिली हैं। इन दवाओं को कथित तौर पर छुपाने के उद्देश्य से एक खंडहरनुमा भवन में फेंका गया था। घटना का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। टीम को विस्तृत जांच के दिए गए निर्देश यह मामला पताही प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन दिलीप कुमार ने तत्काल एक जांच टीम का गठन किया है। टीम को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। गठित जांच टीम में अपर अधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शफी इमाम, औषधि निरीक्षक रईस आलम और जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी शामिल हैं। टीम ने सीएचसी परिसर पहुंचकर उस भवन का निरीक्षण किया, जो पहले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के आवासीय उपयोग के लिए आवंटित था। टीम ने स्वास्थ्य कर्मियों से की पूछताछ इसी जर्जर भवन में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं फेंकी हुई मिलीं। टीम ने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से दवाओं को इस तरह फेंके जाने के संबंध में पूछताछ भी की। जांच के बाद टीम के अधिकारियों ने बताया कि सिविल सर्जन के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट जल्द ही सिविल सर्जन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शंकर बैठा, डॉ. मोहनलाल प्रसाद और सीएचसी प्रबंधक राजकुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर उपस्थित थे। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


