सुशासन के दावों और नगर निगम के विकास काम के बीच बेगूसराय के वार्ड नंबर-39 में विष्णुपुर चौक से नेपाली ठाकुर के घर तक की एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो सरकारी सिस्टम और ठेकेदारों की मिलीभगत पर सवाल उठा है। यहां बुडको (BUIDCO) की ओर से नाला निर्माण का काम पिछले कई महीनों से चल रहा है, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बदतर होती जा रही है। दीपावली के समय शुरू हुआ यह काम 21 फरवरी के अंत तक भी अधूरा है, जिससे स्थानीय निवासी नर्क जैसी स्थिति में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। सड़क से निकाला गया मलबा और मिट्टी महीनों से वहीं पड़े हैं, जिससे पूरी सड़क गंदे पानी, कीचड़ और मलबे के ढ़ेर में तब्दील हो गई है। यहां से पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों का गुजरना भी मुश्किल है। जनता का आक्रोश- महीनों से झेल रहे हैं परेशानी लोगों का कहना है कि दीपावली से पहले खुदाई शुरू हुई थी। त्योहार बीत गया, छठ भी निकल गया और अब कई महीने गुजरने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बरसात या पानी पड़ने पर कीचड़ की समस्या और गंभीर हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन का खतरा रहता है, जबकि बुजुर्ग और बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं।एंबुलेंस या चारपहिया वाहन का प्रवेश मुश्किल हो गया है। शादी-विवाह या अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान मेहमानों को काफी दिक्कत होती है। लोगों ने ठेकेदार पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर न तो नियमित मजदूर दिखाई देते हैं और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण के लिए आता है। कई बार मौखिक शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। जब भी ठेकेदार या उसके प्रतिनिधियों से संपर्क किया जाता है, तो वे जल्द काम पूरा करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। स्थानीय बोली- 2 महीने से यही हाल है स्थानीय लोगों का कहना है कि काम की गति इतनी धीमी है कि ऐसा लगता है प्रशासन को हमारी तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है। स्थानीय महिला सीमा देवी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा दो महीने से यही हाल है। नगर निगम और बुडको के अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं बदल रहा। कोचिंग जाने वाले छात्र रवि रोशन ने बताया कि सड़क पर हमेशा पानी लगा रहता है और कोई सेफ्टी बैरियर नहीं है। रात के अंधेरे में लोग गिर जाते हैं। कीचड़ और जाम की वजह से हम समय पर अपनी क्लास भी नहीं पहुंच पाते हैं। स्थानीय निवासी आनंद कुमार ने बताया कि यह समस्या सिर्फ वार्ड 39 की नहीं है, बल्कि वार्ड 41, 42 समेत पूरे बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र में बुडको के कार्यों की यही स्थिति है। संगीता मोहल्ला, विशनपुर और भारद्वाज नगर जैसे इलाकों में भी लोग कीचड़ और खुले नालों से परेशान हैं। दिवाली से अब तक काम पूरा क्यों नहीं हुआ, क्या इसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है। मलबे को हटाने और सड़क को चलने योग्य बनाने की जिम्मेदारी किसकी है। बुडको के अधिकारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही परियोजना निदेशक ने संवेदक अनिता कुमारी को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निविदाओं और कार्यों में भाग लेने पर प्रतिबंधित लगा दिया है। गुणवत्तापूर्ण और तीव्र गति से कार्य करने के बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद कार्य की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं पाया गया। विभाग ने इस लापरवाह रवैये को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की है। सुशासन के दावों और नगर निगम के विकास काम के बीच बेगूसराय के वार्ड नंबर-39 में विष्णुपुर चौक से नेपाली ठाकुर के घर तक की एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो सरकारी सिस्टम और ठेकेदारों की मिलीभगत पर सवाल उठा है। यहां बुडको (BUIDCO) की ओर से नाला निर्माण का काम पिछले कई महीनों से चल रहा है, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बदतर होती जा रही है। दीपावली के समय शुरू हुआ यह काम 21 फरवरी के अंत तक भी अधूरा है, जिससे स्थानीय निवासी नर्क जैसी स्थिति में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। सड़क से निकाला गया मलबा और मिट्टी महीनों से वहीं पड़े हैं, जिससे पूरी सड़क गंदे पानी, कीचड़ और मलबे के ढ़ेर में तब्दील हो गई है। यहां से पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों का गुजरना भी मुश्किल है। जनता का आक्रोश- महीनों से झेल रहे हैं परेशानी लोगों का कहना है कि दीपावली से पहले खुदाई शुरू हुई थी। त्योहार बीत गया, छठ भी निकल गया और अब कई महीने गुजरने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बरसात या पानी पड़ने पर कीचड़ की समस्या और गंभीर हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन का खतरा रहता है, जबकि बुजुर्ग और बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं।एंबुलेंस या चारपहिया वाहन का प्रवेश मुश्किल हो गया है। शादी-विवाह या अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान मेहमानों को काफी दिक्कत होती है। लोगों ने ठेकेदार पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर न तो नियमित मजदूर दिखाई देते हैं और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण के लिए आता है। कई बार मौखिक शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। जब भी ठेकेदार या उसके प्रतिनिधियों से संपर्क किया जाता है, तो वे जल्द काम पूरा करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। स्थानीय बोली- 2 महीने से यही हाल है स्थानीय लोगों का कहना है कि काम की गति इतनी धीमी है कि ऐसा लगता है प्रशासन को हमारी तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है। स्थानीय महिला सीमा देवी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा दो महीने से यही हाल है। नगर निगम और बुडको के अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं बदल रहा। कोचिंग जाने वाले छात्र रवि रोशन ने बताया कि सड़क पर हमेशा पानी लगा रहता है और कोई सेफ्टी बैरियर नहीं है। रात के अंधेरे में लोग गिर जाते हैं। कीचड़ और जाम की वजह से हम समय पर अपनी क्लास भी नहीं पहुंच पाते हैं। स्थानीय निवासी आनंद कुमार ने बताया कि यह समस्या सिर्फ वार्ड 39 की नहीं है, बल्कि वार्ड 41, 42 समेत पूरे बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र में बुडको के कार्यों की यही स्थिति है। संगीता मोहल्ला, विशनपुर और भारद्वाज नगर जैसे इलाकों में भी लोग कीचड़ और खुले नालों से परेशान हैं। दिवाली से अब तक काम पूरा क्यों नहीं हुआ, क्या इसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है। मलबे को हटाने और सड़क को चलने योग्य बनाने की जिम्मेदारी किसकी है। बुडको के अधिकारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही परियोजना निदेशक ने संवेदक अनिता कुमारी को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निविदाओं और कार्यों में भाग लेने पर प्रतिबंधित लगा दिया है। गुणवत्तापूर्ण और तीव्र गति से कार्य करने के बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद कार्य की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं पाया गया। विभाग ने इस लापरवाह रवैये को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की है।


