कटिहार की अल-करीम यूनिवर्सिटी में रमजान माह के अवसर पर दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों रोजेदारों और शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जहां उन्होंने रोजा खोला और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। यूनिवर्सिटी के चांसलर अहमद असफाक करीम के नेतृत्व में यह इफ्तार आयोजित किया गया। हजारों लोगों की उपस्थिति ने इस आयोजन को महत्वपूर्ण बना दिया। इफ्तार से पूर्व सभी ने सामूहिक रूप से देश और समाज की प्रगति के लिए प्रार्थना की। अल-करीम यूनिवर्सिटी, जिसे कटिहार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के नाम से भी जाना जाता है, सीमांचल क्षेत्र के साथ-साथ देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले चिकित्सक देश-विदेश में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं। चांसलर डॉ. अहमद असफाक करीम ने इस अवसर पर कहा कि दावत-ए-इफ्तार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का एक अवसर भी है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं और एकजुटता का प्रदर्शन करते हैं। इफ्तार कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सामाजिक एकता तथा सद्भाव का प्रतीक बताया। पूरे परिसर में भाईचारे और सौहार्द का वातावरण बना रहा। कटिहार की अल-करीम यूनिवर्सिटी में रमजान माह के अवसर पर दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों रोजेदारों और शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जहां उन्होंने रोजा खोला और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। यूनिवर्सिटी के चांसलर अहमद असफाक करीम के नेतृत्व में यह इफ्तार आयोजित किया गया। हजारों लोगों की उपस्थिति ने इस आयोजन को महत्वपूर्ण बना दिया। इफ्तार से पूर्व सभी ने सामूहिक रूप से देश और समाज की प्रगति के लिए प्रार्थना की। अल-करीम यूनिवर्सिटी, जिसे कटिहार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के नाम से भी जाना जाता है, सीमांचल क्षेत्र के साथ-साथ देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले चिकित्सक देश-विदेश में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं। चांसलर डॉ. अहमद असफाक करीम ने इस अवसर पर कहा कि दावत-ए-इफ्तार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का एक अवसर भी है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं और एकजुटता का प्रदर्शन करते हैं। इफ्तार कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सामाजिक एकता तथा सद्भाव का प्रतीक बताया। पूरे परिसर में भाईचारे और सौहार्द का वातावरण बना रहा।


