नवादा समाहरणालय में जिलाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान की संयुक्त अध्यक्षता में शनिवार को अभियोजन संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायालय में लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करना और अभियोजन प्रक्रिया की प्रभावशीलता को मजबूत करना था। बैठक में अनुसूचित जाति/जनजाति, पॉक्सो अधिनियम, उत्पाद, श्रम, सामान्य वाद सहित विभिन्न लंबित एवं निष्पादित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी लोक अभियोजकों को प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शून्य प्रगति वाले लोक अभियोजकों से स्पष्टीकरण मांगने और उनके मानदेय स्थगित करने का भी आदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियोजन निष्पादन दर बढ़ाने के लिए सुनियोजित और प्रभावी रणनीति अपनाई जानी चाहिए और प्रत्येक माह इसकी प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से लंबित मामलों में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने अभियोजन की सफलता के लिए पुलिस और अभियोजकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय से संबंधित सभी साक्ष्य समय पर उपलब्ध कराए जाएं। एसपी ने बताया कि धारा 409 के मामलों में गवाहों की अनुपस्थिति के कारण आरोपी बरी हो जाते हैं, इसलिए गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. बिनोद कुमार चौधरी, विधि शाखा प्रभारी डॉ. राजकुमार सिंहा, जिला अभियोजन पदाधिकारी, सहायक प्रशासनिक पदाधिकारी, अपर लोक अभियोजक और विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो, एनडीपीएस, एससी/एसटी) सहित जिले के सभी लोक अभियोजक उपस्थित रहे। नवादा समाहरणालय में जिलाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान की संयुक्त अध्यक्षता में शनिवार को अभियोजन संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायालय में लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करना और अभियोजन प्रक्रिया की प्रभावशीलता को मजबूत करना था। बैठक में अनुसूचित जाति/जनजाति, पॉक्सो अधिनियम, उत्पाद, श्रम, सामान्य वाद सहित विभिन्न लंबित एवं निष्पादित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी लोक अभियोजकों को प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शून्य प्रगति वाले लोक अभियोजकों से स्पष्टीकरण मांगने और उनके मानदेय स्थगित करने का भी आदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियोजन निष्पादन दर बढ़ाने के लिए सुनियोजित और प्रभावी रणनीति अपनाई जानी चाहिए और प्रत्येक माह इसकी प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से लंबित मामलों में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने अभियोजन की सफलता के लिए पुलिस और अभियोजकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय से संबंधित सभी साक्ष्य समय पर उपलब्ध कराए जाएं। एसपी ने बताया कि धारा 409 के मामलों में गवाहों की अनुपस्थिति के कारण आरोपी बरी हो जाते हैं, इसलिए गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. बिनोद कुमार चौधरी, विधि शाखा प्रभारी डॉ. राजकुमार सिंहा, जिला अभियोजन पदाधिकारी, सहायक प्रशासनिक पदाधिकारी, अपर लोक अभियोजक और विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो, एनडीपीएस, एससी/एसटी) सहित जिले के सभी लोक अभियोजक उपस्थित रहे।


