उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार को केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह पहुंचे। एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यहां से वह अपने गृह जनपद गोंडा के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में एआई समिट, विदेश नीति और केंद्र सरकार की योजनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी।
अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आगमन के बाद केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह का पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। संक्षिप्त कार्यक्रम के बाद वह सड़क मार्ग से गोंडा के लिए रवाना हुए। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने हाल ही में आयोजित एआई समिट को देश के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है। भारत के युवाओं के पास इसमें आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उनके अनुसार भारतीय युवा पहले से ही आईटी और कंप्यूटर तकनीक में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं।
विदेशी कंपनियों ने निवेश में दिखाई रुचि
उन्होंने बताया कि समिट के दौरान कई विदेशी कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है। इससे बड़े स्तर पर पूंजी निवेश आने की संभावना है। जिससे रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। सरकार एआई तकनीक का सही दिशा में उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत ढांचा तैयार कर रही है। ताकि इसके दुरुपयोग को रोका जा सके।
यूएस डील पर सुप्रीम कोर्ट की रोक,विपक्ष अनावश्यक राजनीति कर रहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश तकनीकी क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एआई समिट को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर उन्होंने इसे निराधार बताते हुए कहा कि इस तरह की आलोचना देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली है। विदेश नीति पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में कई नए देशों के साथ मजबूत संबंध स्थापित किए हैं। अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय महत्व भी बढ़ा है। गुयाना के उपराष्ट्रपति के अयोध्या दौरे को उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का संकेत बताया। साथ ही, यूएस डील पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को लेकर विपक्ष पर अनावश्यक राजनीति करने का आरोप लगाया।


