हनुमानगढ़. स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के रजिस्ट्रार देवाराम सैनी शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर हनुमानगढ़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने टाउन के राजकीय कृषि कॉलेज का निरीक्षण किया। साथ ही राजकीय कृषि कॉलेज के नव निर्मित भवन का अवलोकन करके कमियों को शीघ्र दूर करने की बात कही। ताकि आगामी शिक्षा सत्र में नए भवन में कॉलेज का संचालन किया जा सके। मीडिया से बातचीत में सैनी ने बताया कि 14 करोड़ की लागत से हनुमानगढ़ में राजकीय कृषि कॉलेज का नया भवन तैयार किया गया है। स्टॉफ की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जल्द सभी तरह की सुविधाएं मुहैया करवाकर आगामी शिक्षा सत्र से नए भवन में कॉलेज संचालित होने लगेगा।
उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ कॉलेज से दो बैच पास आऊट हो चुके हैं। इसके बाद अब पीजी स्तर की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। इसकी संभावना के द्वार अब खुल गए हैं। सैनी ने बताया कि हनुमानगढ़ में सरसों व चने के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर 200 क्विंटल बीज तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। राजस्थान सीड्स कॉरपोरेशन के माध्यम से इसका प्रयोग किया जाएगा। ताकि किसानों को उन्नत बीज भविष्य में मिल सके। उन्होंने बताया कि जेट परीक्षा 21 जून को करवाने की तैयारी है। जुलाई तक काउंसलिंग करके अगस्त से कक्षाएं शुरू करवाने का प्रयास रहेगा। उन्होंने बताया कि चालू सत्र में काउंसलिंग में देरी जरूर हुई।
लेकिन इस बार समय पर परीक्षा करवाकर काउंसलिंग पूर्ण करवाएंगे। राजकीय कृषि कॉलेज हनुमानगढ़ के डीन डॉ. हनुमानराम, फार्म मैनेजर आरपी भडिय़ा, कृषि पर्यवेक्षक आरके गोस्वामी, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रभान आदि मौजूद थे। इसके अलावा हनुमानगढ़ पहुंचने पर विभिन्न संगठनों की ओर से सैनी का स्वागत किया गया। इस मौके पर प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण विजय भी मौजूद रहे। उन्होंने कुल सचिव से कहा कि कृषि प्रधान हनुमानगढ़ जिले में कृषि शिक्षा की काफी अहमियत है। इसलिए जेट आदि परीक्षा समय पर करवाकर निर्धारित समय पर इसकी काउंसलिंग करवाई जाए। ताकि कृषि कॉलेजों में समय पर शिक्षा सत्र की शुरुआत हो सके। गौरतलब है कि प्रदेश में सरकारी और निजी करीब एक सौ कृषि कॉलेज हैं। इनमें प्रवेश जेट परीक्षा के माध्यम से मिलता है। गत वर्ष करीब 30 हजार विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे।


