बांका जिला का मनाया गया 35वां स्थापना दिवस:दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल मिली, ‘मेरा प्रखंड मेरा गौरव’ विजेता सम्मानित

बांका जिला का मनाया गया 35वां स्थापना दिवस:दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल मिली, ‘मेरा प्रखंड मेरा गौरव’ विजेता सम्मानित

बांका जिला का 35वां स्थापना दिवस शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वर्ष 1991 में बांका को जिला का दर्जा मिला था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने इसे भागलपुर से अलग कर नया जिला घोषित किया था। इस अवसर पर जिले में विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शनिवार की शाम से संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन बांका टाउन हॉल में किया जाएगा। जहां संस्कृति कार्यक्रम में भीड़ उमड़ेगी । मुख्य कार्यक्रम आरएमके मैदान में आयोजित किया गया। बांका विधायक रामनारायण मंडल मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा भी उपस्थित थे। अतिथियों ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसके बाद केक काटकर स्थापना दिवस मनाया गया। स्थानीय लोक-संस्कृति पर आधारित नृत्य और संगीत प्रस्तुतियां दी कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति गीतों और स्थानीय लोक-संस्कृति पर आधारित नृत्य और संगीत प्रस्तुतियां दी गईं। विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए सूचना एवं विकास से जुड़े स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। समारोह में बड़ी संख्या में आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, छात्र-छात्राएं और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्थापना दिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। समारोह के दौरान 35 दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल वितरित की गईं। विधायक रामनारायण मंडल, जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर ट्राइसाइकिल को रवाना किया। अतिथियों ने कहा कि इन ट्राइसाइकिल से दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। ‘मेरा प्रखंड मेरा गौरव’ प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया इसी क्रम में बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘मेरा प्रखंड मेरा गौरव’ प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। बांका जिले के चांदन, रजौन, अमरपुर, शंभूगंज, फुल्लीडुमर, धोरैया, बेलहर, बाराहाट और कटोरिया प्रखंड से एक-एक प्रतिभागी को विजेता चुना गया। सभी नौ विजेताओं को प्रति प्रतिभागी 10 हजार रुपये का डमी चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। धोरैया प्रखंड से चयनित विजेता, दैनिक अखबार के पत्रकार रूपेश कुमार राजा ने बताया कि उन्होंने धोरैया प्रखंड स्थित धनकुंड नाथ शिव मंदिर पर आधारित 30 सेकंड का वीडियो, फोटो एवं 200 शब्दों का निबंध तैयार कर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया था, जिसे चयन समिति ने सराहा। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं स्थानीय पर्यटन स्थलों को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और जिले की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाती हैं। बांका जिला का 35वां स्थापना दिवस शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वर्ष 1991 में बांका को जिला का दर्जा मिला था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने इसे भागलपुर से अलग कर नया जिला घोषित किया था। इस अवसर पर जिले में विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शनिवार की शाम से संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन बांका टाउन हॉल में किया जाएगा। जहां संस्कृति कार्यक्रम में भीड़ उमड़ेगी । मुख्य कार्यक्रम आरएमके मैदान में आयोजित किया गया। बांका विधायक रामनारायण मंडल मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा भी उपस्थित थे। अतिथियों ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसके बाद केक काटकर स्थापना दिवस मनाया गया। स्थानीय लोक-संस्कृति पर आधारित नृत्य और संगीत प्रस्तुतियां दी कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति गीतों और स्थानीय लोक-संस्कृति पर आधारित नृत्य और संगीत प्रस्तुतियां दी गईं। विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए सूचना एवं विकास से जुड़े स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। समारोह में बड़ी संख्या में आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, छात्र-छात्राएं और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्थापना दिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। समारोह के दौरान 35 दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल वितरित की गईं। विधायक रामनारायण मंडल, जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर ट्राइसाइकिल को रवाना किया। अतिथियों ने कहा कि इन ट्राइसाइकिल से दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। ‘मेरा प्रखंड मेरा गौरव’ प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया इसी क्रम में बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘मेरा प्रखंड मेरा गौरव’ प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। बांका जिले के चांदन, रजौन, अमरपुर, शंभूगंज, फुल्लीडुमर, धोरैया, बेलहर, बाराहाट और कटोरिया प्रखंड से एक-एक प्रतिभागी को विजेता चुना गया। सभी नौ विजेताओं को प्रति प्रतिभागी 10 हजार रुपये का डमी चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। धोरैया प्रखंड से चयनित विजेता, दैनिक अखबार के पत्रकार रूपेश कुमार राजा ने बताया कि उन्होंने धोरैया प्रखंड स्थित धनकुंड नाथ शिव मंदिर पर आधारित 30 सेकंड का वीडियो, फोटो एवं 200 शब्दों का निबंध तैयार कर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया था, जिसे चयन समिति ने सराहा। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं स्थानीय पर्यटन स्थलों को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और जिले की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाती हैं।  

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