पूर्णिया में युवा जदयू के जिलाध्यक्ष राजू मंडल की सड़क हादसे में कल जान चली गई। वो दोस्त की बारात से लौट रहे थे, तभी हादसा हो गया। वे अपने पिछले पत्नी और मासूम बेटी पीछे छोड़ गए। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने मानवीयता की मिसाल कायम करते हुए आज दिवगंत राजू मण्डल की बेटी को न सिर्फ गोद लिया है, बल्कि पढ़ाई से लेकर शादी तक तक खर्च उठाने का फैसला लिया है। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा आज दिवगंत युवा जेडीयू अध्यक्ष राजू मण्डल के घर पहुंचे। वहां पहुंचकर राजू की बेटी को गोद लेने की घोषणा की। संतोष कुशवाहा ने कहा कि अब इस बिटिया की परवरिश की पूरी जिम्मेवारी उनकी होगी। वे बेटी की शिक्षा से लेकर शादी तक होने वाला खर्च उठाएंगे। पत्नी और परिवार की आर्थिक जरूरतें कैसे पूरी हो ये बेहद अहम है। इसके लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे। संतोष कुशवाहा ने परिजनों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई। अपने संबंधों को याद करते हुए कहा कि राजू के निधन मेरी व्यक्तिगत क्षति है और खुद को कमजोर महसूस कर रहा हूं। राजू की बिटिया को गोद लेने की घोषणा करते हुए कुशवाहा ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि राजू के अंतिम संस्कार से लौटकर पूरी रात द्वंद्व और उहापोह के बीच कब गुजर गई और सुबह ने कब दस्तक दी, पता ही नही चला। एक अटल फैसले के साथ राजू के आवास की ओर चल पड़ा। राजू के परिजनों से मिल अपना फैसला बताया, राजू की बिटिया की परवरिश, उसकी शिक्षा-दीक्षा से लेकर विवाह-संस्कार तक का जिम्मा अब मेरे हाथों होगा। तुम हमेशा हमारी स्मृतियों में अमर रहोगे राजू बिटिया के जैविक पिता थे, अब उस बिटिया के शेष जीवन के लिए पिता-धर्म का पालन मेरी जिम्मेवारी होगी। राजू के प्रति श्रद्धांजलि अर्पण का ये मेरा छोटा और तुच्छ प्रयास है। मैं जानता हूं, राजू मैं तुम्हारी कमी परिवार में कभी पूरी नही कर सकता हूं। मैंने तुममें छोटे भाई और बेटे का अक्स देखा है, लिहाज़ा यह मेरी नैतिक और सामाजिक जिम्मेवारी बनती है। तुम हमेशा हमारी स्मृतियों में अमर रहोगे। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा के इस फैसले की खूब सराहना हो रही है। लोग संतोष कुशवाहा की इस मानवीय फैसले की सराहना करते नहीं थक रहे। पूर्णिया में युवा जदयू के जिलाध्यक्ष राजू मंडल की सड़क हादसे में कल जान चली गई। वो दोस्त की बारात से लौट रहे थे, तभी हादसा हो गया। वे अपने पिछले पत्नी और मासूम बेटी पीछे छोड़ गए। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने मानवीयता की मिसाल कायम करते हुए आज दिवगंत राजू मण्डल की बेटी को न सिर्फ गोद लिया है, बल्कि पढ़ाई से लेकर शादी तक तक खर्च उठाने का फैसला लिया है। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा आज दिवगंत युवा जेडीयू अध्यक्ष राजू मण्डल के घर पहुंचे। वहां पहुंचकर राजू की बेटी को गोद लेने की घोषणा की। संतोष कुशवाहा ने कहा कि अब इस बिटिया की परवरिश की पूरी जिम्मेवारी उनकी होगी। वे बेटी की शिक्षा से लेकर शादी तक होने वाला खर्च उठाएंगे। पत्नी और परिवार की आर्थिक जरूरतें कैसे पूरी हो ये बेहद अहम है। इसके लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे। संतोष कुशवाहा ने परिजनों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई। अपने संबंधों को याद करते हुए कहा कि राजू के निधन मेरी व्यक्तिगत क्षति है और खुद को कमजोर महसूस कर रहा हूं। राजू की बिटिया को गोद लेने की घोषणा करते हुए कुशवाहा ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि राजू के अंतिम संस्कार से लौटकर पूरी रात द्वंद्व और उहापोह के बीच कब गुजर गई और सुबह ने कब दस्तक दी, पता ही नही चला। एक अटल फैसले के साथ राजू के आवास की ओर चल पड़ा। राजू के परिजनों से मिल अपना फैसला बताया, राजू की बिटिया की परवरिश, उसकी शिक्षा-दीक्षा से लेकर विवाह-संस्कार तक का जिम्मा अब मेरे हाथों होगा। तुम हमेशा हमारी स्मृतियों में अमर रहोगे राजू बिटिया के जैविक पिता थे, अब उस बिटिया के शेष जीवन के लिए पिता-धर्म का पालन मेरी जिम्मेवारी होगी। राजू के प्रति श्रद्धांजलि अर्पण का ये मेरा छोटा और तुच्छ प्रयास है। मैं जानता हूं, राजू मैं तुम्हारी कमी परिवार में कभी पूरी नही कर सकता हूं। मैंने तुममें छोटे भाई और बेटे का अक्स देखा है, लिहाज़ा यह मेरी नैतिक और सामाजिक जिम्मेवारी बनती है। तुम हमेशा हमारी स्मृतियों में अमर रहोगे। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा के इस फैसले की खूब सराहना हो रही है। लोग संतोष कुशवाहा की इस मानवीय फैसले की सराहना करते नहीं थक रहे।


