मंत्री परमार बोले: भारत की गरीबी की धारणा भ्रामक थी:इतिहासकारों ने गलत तथ्य आगे बढ़ाए, गुरुकुल शिक्षा बाधित हुई

मंत्री परमार बोले: भारत की गरीबी की धारणा भ्रामक थी:इतिहासकारों ने गलत तथ्य आगे बढ़ाए, गुरुकुल शिक्षा बाधित हुई

शासकीय मानकुवर बाई कला एवं वाणिज्य स्वशासी महिला महाविद्यालय, जबलपुर में आज “उमंग 2025-26” वार्षिक स्नेह सम्मेलन, अलंकारण एवं शैक्षणिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान मंत्री इंदर सिंह परमार ने 17 छात्राओं को स्वर्ण पदक, 25 विद्यार्थियों को स्मृति पदक तथा प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शैक्षणिक पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे अपने परिश्रम और प्रतिभा से देश-विदेश में भारत का नाम रोशन करें। रुके हुए कामों को जल्दी पूरा करेंगे कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक डॉ. अभिलाष पांडे की बातों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि महाविद्यालय या विश्वविद्यालय में जो भी आवश्यक कार्य लंबित हैं, उनका अनुमानित व्यय (एस्टीमेट) प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन कार्यों को समय रहते पूरा कराया जाएगा। मुगल, अंग्रेज प्रभावित होकर आए बाद में लूटा अपने संबोधन में मंत्री इंदर सिंह परमार ने इतिहास के संदर्भ में भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मुगल और अंग्रेज भारत की समृद्धि, संप्रभुता और सभ्यता से प्रभावित होकर यहां आए थे, किंतु बाद में उन्होंने देश को लूटने का कार्य किया। मंत्री परमार ने आगे कहा कि भारत के बारे में गरीबी और भुखमरी जैसी धारणाएं भ्रामक थीं और इतिहासकारों द्वारा गलत तथ्यों को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था को बाधित करने का कार्य भी विदेशी शासनकाल में हुआ था। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर कुलगुरु राजेश कुमार वर्मा, प्राचार्य डॉ. स्मृति शुक्ल, डॉ. कामना श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय का स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

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