‘परिमार्जन पोर्टल पर लंबित आवेदनों को निपटाएं’-DM:1 सप्ताह में समस्याओं के समाधान का निर्देश,कहा-किसानों की समस्याएं हल करें

‘परिमार्जन पोर्टल पर लंबित आवेदनों को निपटाएं’-DM:1 सप्ताह में समस्याओं के समाधान का निर्देश,कहा-किसानों की समस्याएं हल करें

शेखपुरा में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने किसान पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को पंजीकरण के दौरान आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना था। समीक्षा के दौरान, जिला पदाधिकारी ने पाया कि बड़ी संख्या में किसानों के आवेदन आधार मिसमैच और जमीन की रसीद में विसंगतियों के कारण लंबित हैं। उन्होंने इन समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को इन तकनीकी त्रुटियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र किसान को दस्तावेजों की छोटी त्रुटियों के कारण योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने परिमार्जन पोर्टल पर लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन, राजस्व रिकॉर्ड में सुधार कर किसानों की समस्या हल करने और डेटा मिसमैच की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने का आदेश दिया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि लक्ष्य है कि जिले का एक भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रहे। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर अगले एक सप्ताह के भीतर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने अगले सात दिनों के भीतर विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों को निपटाने की समय सीमा निर्धारित की। उन्होंने किसान समन्वयकों को सीधे तौर पर निर्देश दिया कि वे पंचायत स्तर पर जाकर प्रतिदिन कम से कम 50 किसानों की समस्याओं का निदान करें। इस बैठक में अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, अपर समाहर्ता (जांच), जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी और सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी व किसान समन्वयक मौजूद थे। शेखपुरा में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने किसान पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को पंजीकरण के दौरान आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना था। समीक्षा के दौरान, जिला पदाधिकारी ने पाया कि बड़ी संख्या में किसानों के आवेदन आधार मिसमैच और जमीन की रसीद में विसंगतियों के कारण लंबित हैं। उन्होंने इन समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को इन तकनीकी त्रुटियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र किसान को दस्तावेजों की छोटी त्रुटियों के कारण योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने परिमार्जन पोर्टल पर लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन, राजस्व रिकॉर्ड में सुधार कर किसानों की समस्या हल करने और डेटा मिसमैच की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने का आदेश दिया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि लक्ष्य है कि जिले का एक भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रहे। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर अगले एक सप्ताह के भीतर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने अगले सात दिनों के भीतर विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों को निपटाने की समय सीमा निर्धारित की। उन्होंने किसान समन्वयकों को सीधे तौर पर निर्देश दिया कि वे पंचायत स्तर पर जाकर प्रतिदिन कम से कम 50 किसानों की समस्याओं का निदान करें। इस बैठक में अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, अपर समाहर्ता (जांच), जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी और सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी व किसान समन्वयक मौजूद थे।  

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