सीतामढ़ी में पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला प्रशासन ने एक जागरूकता पैदल मार्च निकाला। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने किया। इसमें जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। यह पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। अधिकारियों और प्रतिभागियों ने हाथों में पर्यावरण संरक्षण संबंधी तख्तियां ले रखी थीं। इस दौरान “पेड़ लगाओ-पर्यावरण बचाओ” और “स्वच्छ हवा हमारा अधिकार” जैसे नारे लगाए गए, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ी। राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना की। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने, प्लास्टिक के उपयोग से बचने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखना संभव है। समय-समय पर ऐसे जागरूकता अभियान चलाए जाते रहेंगे कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि जिले में समय-समय पर ऐसे जागरूकता अभियान चलाए जाते रहेंगे, ताकि आमजन में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़े। प्रशासन ने स्कूलों, कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया है। इस पैदल मार्च के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे जन-आंदोलन का रूप देकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। सीतामढ़ी में पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला प्रशासन ने एक जागरूकता पैदल मार्च निकाला। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने किया। इसमें जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। यह पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। अधिकारियों और प्रतिभागियों ने हाथों में पर्यावरण संरक्षण संबंधी तख्तियां ले रखी थीं। इस दौरान “पेड़ लगाओ-पर्यावरण बचाओ” और “स्वच्छ हवा हमारा अधिकार” जैसे नारे लगाए गए, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ी। राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना की। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने, प्लास्टिक के उपयोग से बचने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखना संभव है। समय-समय पर ऐसे जागरूकता अभियान चलाए जाते रहेंगे कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि जिले में समय-समय पर ऐसे जागरूकता अभियान चलाए जाते रहेंगे, ताकि आमजन में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़े। प्रशासन ने स्कूलों, कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया है। इस पैदल मार्च के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे जन-आंदोलन का रूप देकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।


