जहानाबाद की जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सरस्वती कुमारी ने गांधी इंटर विद्यालय, सिकरिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ बैडमिंटन खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया और उनसे संवाद किया। डीईओ ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक शनिवार को “सुरक्षित शनिवार” के रूप में मनाया जाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आपदा प्रबंधन की जानकारी देना है, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में अपनी सुरक्षा कर सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों से बचाव के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि ऐसी जागरूकता की शुरुआत विद्यालय स्तर से ही की जानी चाहिए। सरस्वती कुमारी ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद को पढ़ाई जितना ही महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि खेल से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास जैसे गुण भी विकसित होते हैं। खेलकूद प्रतियोगिताएं बच्चों को नियमों का पालन करना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी सिखाती हैं। कार्यक्रम के दौरान, डीईओ ने स्वयं बच्चों के साथ बैडमिंटन खेला और उनसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बच्चों से आपदा से बचाव के नियमों के बारे में प्रश्न पूछे, जिनके बच्चों ने उत्साहपूर्वक सही उत्तर दिए। बच्चों की समझ और जागरूकता देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। बच्चे देश के भविष्य निर्माता उन्होंने कहा कि बच्चे देश के भविष्य निर्माता हैं। बच्चों में जिस प्रकार के गुण, आत्मविश्वास और जागरूकता देखने को मिली, उससे यह प्रतीत होता है कि वे आगे चलकर जिम्मेदार और अच्छे नागरिक बनेंगे। अंत में, उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की कि वे प्रत्येक शनिवार बच्चों को खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही, उन्हें आपदा से बचाव की आवश्यक जानकारी भी अवश्य दें, ताकि बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास संतुलित रूप से हो सके। जहानाबाद की जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सरस्वती कुमारी ने गांधी इंटर विद्यालय, सिकरिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ बैडमिंटन खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया और उनसे संवाद किया। डीईओ ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक शनिवार को “सुरक्षित शनिवार” के रूप में मनाया जाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आपदा प्रबंधन की जानकारी देना है, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में अपनी सुरक्षा कर सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों से बचाव के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि ऐसी जागरूकता की शुरुआत विद्यालय स्तर से ही की जानी चाहिए। सरस्वती कुमारी ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद को पढ़ाई जितना ही महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि खेल से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास जैसे गुण भी विकसित होते हैं। खेलकूद प्रतियोगिताएं बच्चों को नियमों का पालन करना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी सिखाती हैं। कार्यक्रम के दौरान, डीईओ ने स्वयं बच्चों के साथ बैडमिंटन खेला और उनसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बच्चों से आपदा से बचाव के नियमों के बारे में प्रश्न पूछे, जिनके बच्चों ने उत्साहपूर्वक सही उत्तर दिए। बच्चों की समझ और जागरूकता देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। बच्चे देश के भविष्य निर्माता उन्होंने कहा कि बच्चे देश के भविष्य निर्माता हैं। बच्चों में जिस प्रकार के गुण, आत्मविश्वास और जागरूकता देखने को मिली, उससे यह प्रतीत होता है कि वे आगे चलकर जिम्मेदार और अच्छे नागरिक बनेंगे। अंत में, उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की कि वे प्रत्येक शनिवार बच्चों को खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही, उन्हें आपदा से बचाव की आवश्यक जानकारी भी अवश्य दें, ताकि बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास संतुलित रूप से हो सके।


