किशनगंज में सांप डसने से बच्ची की मौत:समय पर नहीं मिला एंटी-वेनम, अस्पताल ले जाते समय गई जान

किशनगंज में सांप डसने से बच्ची की मौत:समय पर नहीं मिला एंटी-वेनम, अस्पताल ले जाते समय गई जान

किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड की छेतल पंचायत के तेली बस्ती में सांप के डसने से 15 साल की बच्ची रोशनी बेगम की मौत हो गई। परिजनों ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका दावा है कि सर्पदंश के बावजूद उसे एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन नहीं दिया गया। परिजनों के अनुसार, घटना तब हुई जब रोशनी बांस से बने मचान पर रखे जलावन लेने गई थी। इसी दौरान उसे सांप ने डस लिया। परिवार के सदस्यों ने तुरंत उसे नजदीकी ठाकुरगंज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और चिकित्सकों को सांप काटने की जानकारी दी। कुछ देर बाद रोशनी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी हालांकि, परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इस सूचना को गंभीरता से नहीं लिया और एंटी-वेनम इंजेक्शन नहीं लगाया। कुछ देर बाद रोशनी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। जब रोशनी की स्थिति गंभीर हो गई, तो परिवार ने उसे बेहतर इलाज के लिए किशनगंज सदर अस्पताल रेफर करने का फैसला किया। लेकिन, सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही एम्बुलेंस में उसने दम तोड़ दिया। ”लापरवाही के कारण हम उसे बचा नहीं पाए” मृतका के पिता अफजल हुसैन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “मेरी बेटी सिर्फ जलावन लाने गई थी, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही के कारण हम उसे बचा नहीं पाए। डॉक्टरों को सब कुछ बताया था, फिर भी इंजेक्शन नहीं दिया गया। अगर समय पर इलाज मिल जाता तो शायद मेरी बच्ची बच जाती।” परिवार ने स्वास्थ्य विभाग की इस कथित लापरवाही की जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है। वहीं, सदर अस्पताल के चिकित्सक ने सांप काटने से मौत की पुष्टि की है। किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड की छेतल पंचायत के तेली बस्ती में सांप के डसने से 15 साल की बच्ची रोशनी बेगम की मौत हो गई। परिजनों ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका दावा है कि सर्पदंश के बावजूद उसे एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन नहीं दिया गया। परिजनों के अनुसार, घटना तब हुई जब रोशनी बांस से बने मचान पर रखे जलावन लेने गई थी। इसी दौरान उसे सांप ने डस लिया। परिवार के सदस्यों ने तुरंत उसे नजदीकी ठाकुरगंज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और चिकित्सकों को सांप काटने की जानकारी दी। कुछ देर बाद रोशनी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी हालांकि, परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इस सूचना को गंभीरता से नहीं लिया और एंटी-वेनम इंजेक्शन नहीं लगाया। कुछ देर बाद रोशनी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। जब रोशनी की स्थिति गंभीर हो गई, तो परिवार ने उसे बेहतर इलाज के लिए किशनगंज सदर अस्पताल रेफर करने का फैसला किया। लेकिन, सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही एम्बुलेंस में उसने दम तोड़ दिया। ”लापरवाही के कारण हम उसे बचा नहीं पाए” मृतका के पिता अफजल हुसैन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “मेरी बेटी सिर्फ जलावन लाने गई थी, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही के कारण हम उसे बचा नहीं पाए। डॉक्टरों को सब कुछ बताया था, फिर भी इंजेक्शन नहीं दिया गया। अगर समय पर इलाज मिल जाता तो शायद मेरी बच्ची बच जाती।” परिवार ने स्वास्थ्य विभाग की इस कथित लापरवाही की जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है। वहीं, सदर अस्पताल के चिकित्सक ने सांप काटने से मौत की पुष्टि की है।  

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