Cancer Causes India: पूर्वोत्तर भारत में कैंसर के मामले देश के बाकी हिस्सों से ज्यादा क्यों सामने आते हैं? इस सवाल का जवाब अब एक्सपर्ट्स ने साफ-साफ बताया है, और वजहें सिर्फ किस्मत या जेनेटिक्स नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतें और खान-पान हैं। करीब 25 साल का अनुभव रखने वाले कैंसर सर्जन Dr Jayesh Sharma के मुताबिक, इस क्षेत्र में कैंसर के ज्यादा मामलों के पीछे लाइफस्टाइल और पर्यावरण से जुड़े कारण मुख्य भूमिका निभाते हैं।
तंबाकू का ज्यादा इस्तेमाल सबसे बड़ी वजह
डॉक्टरों के अनुसार पूर्वोत्तर भारत में तंबाकू का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है। लोग सिर्फ सिगरेट या बीड़ी ही नहीं पीते, बल्कि चबाने वाला तंबाकू और सुपारी (पान मसाला) भी खूब लेते हैं। कुछ जगहों पर रिवर्स स्मोकिंग की आदत भी देखी गई है, जिसमें जलता हुआ सिरा मुंह के अंदर रखा जाता है, जिससे धुआं पूरी तरह अंदर जाता है। इससे मुंह, गले और सिर-गर्दन के कैंसर का खतरा बहुत बढ़ जाता है। National Institutes of Health के अनुसार, इस क्षेत्र में स्मोक्ड और स्मोकलेस तंबाकू दोनों का इस्तेमाल देश में सबसे ज्यादा है।
स्थानीय शराब भी बढ़ा रही जोखिम
डॉक्टर बताते हैं कि कई इलाकों में घर पर बनी या बिना रेगुलेशन वाली शराब ज्यादा पी जाती है। यह शराब मुंह, पेट और पाचन तंत्र से जुड़े कैंसर का खतरा बढ़ा देती है। कुछ राज्यों में ओरल कैंसर के मामलों में शराब की भूमिका काफी बड़ी मानी जाती है।
स्मोक्ड और जली हुई मीट भी खतरे की घंटी
पूर्वोत्तर भारत में स्मोक्ड (धुएं में पकाया हुआ) और जला हुआ मांस काफी लोकप्रिय है। लेकिन यही खाने की आदत कैंसर का बड़ा कारण बन सकती है। ऐसे मांस में हानिकारक केमिकल बनते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं के DNA को नुकसान पहुंचाते हैं। ज्यादा नमक और फर्मेंटेड (खमीर वाला) खाना पेट के कैंसर का खतरा और बढ़ा देता है।
कौन-कौन से कैंसर ज्यादा आम हैं?
पब्लिक हेल्थ डेटा के अनुसार इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा ये कैंसर देखे जाते हैं:
- मुंह का कैंसर
- सिर और गर्दन का कैंसर
- इसोफेगस (खाने की नली) का कैंसर
- पेट का कैंसर
- फेफड़ों का कैंसर
इन आंकड़ों को National Cancer Registry Programme भी लगातार ट्रैक करता है।
मामलों को कम करने के लिए क्या जरूरी है?
डॉक्टरों का मानना है कि कैंसर के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे:
- तंबाकू के खिलाफ सख्त अभियान
- सुपारी और पान मसाले के नुकसान के बारे में जागरूकता
- नियमित कैंसर स्क्रीनिंग
- HPV वैक्सीन
- संतुलित डाइट और शराब कम करना


