बरेली। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़ी हकीकत सामने आई है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले तेल, घी, मसाले, दूध, पनीर और मिठाइयों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। कई खाद्य पदार्थ अधोमानक और असुरक्षित घोषित किए गए। मिलावट की पुष्टि होते ही अदालत ने सख्त रुख अपनाया और दस महीनों में 404 कारोबारियों पर 1 करोड़ 43 लाख 44 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
738 वाद दर्ज, अदालत का ये आदेश
1 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ 738 वाद दर्ज कराए। रिपोर्ट आने के बाद अपर जिलाधिकारी नगर की अदालत और सिविल कोर्ट में मुकदमे चले। अदालतों ने साफ कर दिया कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जनवरी माह में ही 61 कारोबारियों पर 30 लाख 75 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
किन खाद्य पदार्थों के नमूने फेल हुए
जांच में जिन उत्पादों के नमूने अधोमानक या असुरक्षित पाए गए, वे आम आदमी की रसोई से जुड़े हैं—
सरसों का तेल
रिफाइंड और सोयाबीन ऑयल
देसी घी
हल्दी, धनिया, मिर्च पाउडर
दूध और पनीर
खोया, बर्फी, रसगुल्ला, सोनपापड़ी
चायपत्ती
इन नमूनों की जांच झांसी और लखनऊ की राजकीय प्रयोगशालाओं में कराई गई। रिपोर्ट में कई खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे नहीं उतरे।
673 प्रतिष्ठानों पर छापे, 1050 नमूने भरे
दस महीनों में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों—बरेली, फरीदपुर, नवाबगंज, बहेड़ी, मीरगंज और आंवला के 673 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। अधिकारियों ने 1050 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और परीक्षण के लिए भेजे। कई दुकानों, मिठाई प्रतिष्ठानों, तेल विक्रेताओं और डेयरी उत्पाद बेचने वालों पर कार्रवाई हुई।
होली से पहले खाद्य विभाग ने किया अभियान तेज
त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग ने हाल में भी छापे मारे। डीडीपुरम, सुभाषनगर, इन्द्रानगर, साहूकारा, तुलाशेरपुर और लिंकर रोड क्षेत्र के प्रतिष्ठानों से पनीर, पिज्जा, कचौड़ी, नमकीन मठरी, सरसों तेल और खोया के नमूने लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
3114 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, दस माह में पूरे जनपद में 3114 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। विभाग का कहना है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।


