मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी शुक्रवार को ग्वालियर स्थित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट में जमानती वारंट पर उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने उन्हें दूसरी बार जमानती वारंट जारी कर तलब किया था, लेकिन पहली बार की तरह इस बार भी वे पेश नहीं हुए। उनके अनुपस्थित रहने के कारण आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में ट्रायल की कार्यवाही शुरू नहीं हो सकी। 2024 लोकसभा चुनाव से जुड़ा मामला मामला वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान पटवारी ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा के साथ मिले होने का आरोप लगाया था। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। बसपा की ओर से 4 मई 2024 को भिंड के ऊमरी थाने में पटवारी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया गया। पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123(5) के तहत प्रकरण दर्ज है। पुलिस ने जांच के बाद ग्वालियर की एमपी-एमएलए कोर्ट में चालान पेश किया। तीन बार बुलावे के बावजूद अनुपस्थित जानकारी के अनुसार मामले में विचारण शुरू होने के बाद 15 जुलाई 2024 से पटवारी को लगातार तलब किया जा रहा है, लेकिन वे कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। बार-बार अनुपस्थित रहने पर कोर्ट ने 16 जनवरी को पहला जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद 20 फरवरी को फिर से जमानती वारंट पर उन्हें बुलाया गया, लेकिन इस बार भी वे पेश नहीं हुए। अब कोर्ट अगली सुनवाई की तारीख तय करेगा, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।


