कैमूर में कांग्रेस का ‘संगठन सृजन अभियान’ शुरू:ग्राउंड लेवल पर संगठन मजबूत करने, नए नेतृत्व चयन और जन-संवाद की पहल

कैमूर में कांग्रेस का ‘संगठन सृजन अभियान’ शुरू:ग्राउंड लेवल पर संगठन मजबूत करने, नए नेतृत्व चयन और जन-संवाद की पहल

कैमूर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर पार्टी को पुनर्गठित और सशक्त बनाने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान का लक्ष्य बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन का विस्तार, पुनर्निर्माण और उसे नई ऊर्जा प्रदान करना है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर यह अभियान विभिन्न राज्यों में चलाया जा रहा है, जहां पर्यवेक्षक जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद कर फीडबैक एकत्र कर रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करना है। इसके तहत युवा, महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यकों की भागीदारी बढ़ाना सुनिश्चित किया जाएगा। पार्टी पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करना चाहती है। यह केवल पद भरने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विचारधारा आधारित पुनर्निर्माण है, जो पार्टी को जन-समस्याओं से जोड़ेगा। प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और जन-संपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर इस अभियान में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और जन-संपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यह पहल पार्टी को आत्मनिर्भर बनाएगी और उसे जनता की आवाज को मजबूती से उठाने में सक्षम करेगी। बिहार सहित कई राज्यों में यह अभियान सक्रिय रूप से चल रहा है, जहां स्थानीय स्तर पर बैठकें और संवाद आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान से कांग्रेस को नई ताकत और एकजुटता मिलने की उम्मीद है। कैमूर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर पार्टी को पुनर्गठित और सशक्त बनाने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान का लक्ष्य बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन का विस्तार, पुनर्निर्माण और उसे नई ऊर्जा प्रदान करना है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर यह अभियान विभिन्न राज्यों में चलाया जा रहा है, जहां पर्यवेक्षक जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद कर फीडबैक एकत्र कर रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करना है। इसके तहत युवा, महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यकों की भागीदारी बढ़ाना सुनिश्चित किया जाएगा। पार्टी पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करना चाहती है। यह केवल पद भरने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विचारधारा आधारित पुनर्निर्माण है, जो पार्टी को जन-समस्याओं से जोड़ेगा। प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और जन-संपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर इस अभियान में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और जन-संपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यह पहल पार्टी को आत्मनिर्भर बनाएगी और उसे जनता की आवाज को मजबूती से उठाने में सक्षम करेगी। बिहार सहित कई राज्यों में यह अभियान सक्रिय रूप से चल रहा है, जहां स्थानीय स्तर पर बैठकें और संवाद आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान से कांग्रेस को नई ताकत और एकजुटता मिलने की उम्मीद है।  

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