दरभंगा संयुक्त कृषि भवन, कृषि परिसर, बहादुरपुर, लहेरियासराय में जिला स्तरीय किसान मेला-सह-प्रतियोगिता 2026 आयोजित हुई है। इसके अवसर पर मत्स्य विभाग की ओर से नाव और जाल पैकेज वितरण योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदानित दर पर “कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज” का वितरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने लाभुक मछुआरों के बीच जाल पैकेज का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना मत्स्य क्षेत्र के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक उपकरण उपलब्ध होने से मछुआरों की उत्पादकता बढ़ेगी और उनकी आय में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित होगी। जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि नाव और जाल पैकेज वितरण योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना का उद्देश्य मछुआरों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से जोड़कर उनकी आजीविका को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, योजना के सफल क्रियान्वयन से मछुआरों की वार्षिक आय और जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारी, बड़ी संख्या में किसान और मछुआरे उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना की सराहना करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। दरभंगा संयुक्त कृषि भवन, कृषि परिसर, बहादुरपुर, लहेरियासराय में जिला स्तरीय किसान मेला-सह-प्रतियोगिता 2026 आयोजित हुई है। इसके अवसर पर मत्स्य विभाग की ओर से नाव और जाल पैकेज वितरण योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदानित दर पर “कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज” का वितरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने लाभुक मछुआरों के बीच जाल पैकेज का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना मत्स्य क्षेत्र के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक उपकरण उपलब्ध होने से मछुआरों की उत्पादकता बढ़ेगी और उनकी आय में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित होगी। जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि नाव और जाल पैकेज वितरण योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना का उद्देश्य मछुआरों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से जोड़कर उनकी आजीविका को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, योजना के सफल क्रियान्वयन से मछुआरों की वार्षिक आय और जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारी, बड़ी संख्या में किसान और मछुआरे उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना की सराहना करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।


