Eye Cancer Early Signs: अक्सर माता-पिता बच्चों की आंखों से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यही मामूली दिखने वाले संकेत किसी गंभीर बीमारी की चेतावनी हो सकते हैं। बच्चों में होने वाला रेटिनोब्लास्टोमा (Retinoblastoma) एक गंभीर आंख का कैंसर है, जिसकी पहचान अगर समय रहते हो जाए तो बच्चे की आंखों की रोशनी ही नहीं, बल्कि जान भी बचाई जा सकती है।
आंखों के विशेषज्ञ Dr. Kamal B Kapur, बताते हैं कि बच्चों में इस बीमारी के शुरुआती लक्षण बहुत हल्के हो सकते हैं। बच्चे अपनी परेशानी बता नहीं पाते, इसलिए माता-पिता की सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
फोटो में दिखे सफेद चमक- सबसे बड़ा चेतावनी संकेत
रेटिनोब्लास्टोमा का सबसे शुरुआती और खास संकेत है आंख की पुतली में सफेद या पीली चमक दिखाई देना। यह अक्सर फ्लैश वाली फोटो में नजर आता है। आमतौर पर फोटो में आंख लाल दिखती है, लेकिन अगर बार-बार सफेद चमक दिखे तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह तुरंत डॉक्टर को दिखाने का संकेत है।
भेंगापन या आंखों का टेढ़ा होना
अगर बच्चे की आंखें अचानक टेढ़ी दिखने लगें या फोकस ठीक से न करें, तो यह भी खतरे की घंटी हो सकती है। कई लोग इसे सामान्य या अस्थायी समस्या मान लेते हैं, लेकिन लगातार भेंगापन आंख में ट्यूमर का संकेत हो सकता है।
लगातार लालपन, सूजन या पानी आना
आंखों में लालपन, सूजन या पानी आना अक्सर इंफेक्शन समझा जाता है। लेकिन अगर दवा लेने के बाद भी आराम न मिले या समस्या बार-बार लौट आए, तो जांच जरूरी है। खास बात यह है कि इस कैंसर में हमेशा दर्द नहीं होता, इसलिए लोग लक्षणों को हल्के में ले लेते हैं।
चीजों पर फोकस करने में परेशानी
अगर बच्चा खिलौनों या चेहरों को ठीक से फॉलो न कर पाए, बार-बार चीजों से टकराए या एक आंख से कम देखता लगे — तो सतर्क हो जाएं। ये संकेत नजर कमजोर होने या आंख के अंदर समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।
जल्दी पहचान और बेहतर इलाज
इस बीमारी में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर शुरुआती स्टेज में पहचान हो जाए तो इलाज के सफल होने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है। लेकिन देरी होने पर बीमारी आंख से बाहर भी फैल सकती है, जिससे खतरा बढ़ जाता है।
माता-पिता क्या करें?
- बच्चे की आंखों में असामान्य बदलाव तुरंत नोटिस करें
- फोटो में सफेद चमक दिखे तो डॉक्टर से मिलें
- लगातार लालपन या भेंगापन को नजरअंदाज न करें
- शक हो तो तुरंत आई स्पेशलिस्ट से जांच कराएं


