India Bangladesh Visa Services Resume 2026: भारत और बांग्लादेश के बीच अब वीजा सेवाएं बहाल हो गई हैं, जिससे ढाका से दिल्ली की दूरी कम लगने लगी है। बांग्लादेश हाई कमीशन, दिल्ली ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) से भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों की वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। यह फैसला तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के महज तीन दिन बाद आया है, जो दोनों देशों के रिश्तों में सुधार का मजबूत संकेत है।
दिसंबर 2025 से बंद थी ये सेवाएं
करीब दो महीने पहले, दिसंबर 2025 में राजनीतिक तनाव के चलते ये सेवाएं बंद कर दी गई थीं। तनाव की वजह थी भारत-विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या, उसके बाद हुए बड़े विरोध प्रदर्शन, हिंदुओं पर हमले और लिंचिंग की घटनाएं। इन सबके कारण कूटनीतिक संबंध खराब हो गए थे। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान स्थिति और बिगड़ी, लेकिन अब तारिक रहमान (बीएनपी नेता) के नेतृत्व में नई सरकार ने रिश्ते सुधारने की दिशा में पहला बड़ा कदम उठाया।
भारत-बांग्लादेश वीजा सर्विस शुरू
दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने अब भारतीयों के लिए सभी कैटेगरी के वीजा फिर से जारी करने शुरू कर दिए हैं। इसमें शामिल हैं:
- पर्यटन वीजा (टूरिस्ट वीजा)
- मेडिकल वीजा
- बिजनेस वीजा
- वर्क वीजा
- अन्य सभी प्रकार के वीजा
पहले दिसंबर में केवल बिजनेस और वर्क वीजा पर रोक नहीं थी, लेकिन अब पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल हो गई है। इससे भारतीय पर्यटक, मरीज, व्यापारी और अन्य लोग आसानी से बांग्लादेश जा सकेंगे।
यात्रा वीजा सहित अन्य श्रेणियां भी जल्द होंगी शुरू
उधर, भारत की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। सिलहट में भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने कहा, ‘बांग्लादेशी नागरिकों के लिए सभी वीजा सेवाएं पूरी तरह बहाल करने की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं, जबकि यात्रा वीजा सहित अन्य श्रेणियां भी जल्द शुरू होंगी। जल्द ही सभी प्रकार के भारतीय वीजा सामान्य रूप से जारी होने लगेंगे।
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में लौटी मिठास
यह कदम दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली का प्रतीक है। इसी हफ्ते लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र सौंपते हुए उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया। अगर तारिक रहमान अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में दिल्ली आते हैं, तो यह परंपरा के मुताबिक होगा (पिछले साल यूनुस ने चीन जाकर इस परंपरा को तोड़ा था, जिससे नाराजगी हुई थी)।
दोनों पड़ोसी देशों के लिए यह अच्छी खबर है। व्यापार, स्वास्थ्य, पर्यटन और पारिवारिक मुलाकातें आसान होंगी। उम्मीद है कि आगे सुरक्षा, सीमा मुद्दे और अन्य सहयोग के क्षेत्रों में भी प्रगति होगी। अब सच में “ढाका से दिल्ली दूर नहीं” वाली बात हकीकत बन रही है!


