अंबेडकरनगर में अकबरपुर शिक्षाखंड स्थित कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर सकरवारी की प्रभारी प्रधानाध्यापिका हेमलता को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मिड-डे मील (एमडीएम) योजना में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद की गई है। विद्यालय में एमडीएम का भोजन न बनने की शिकायत राजेंद्र भारती द्वारा की गई थी। इसके बाद एक जांच टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एमडीएम पंजिका अपूर्ण पाई गई, जिससे पता चला कि 26 दिसंबर, 2025 के बाद से विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बनाया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि विद्यालय में कुल 7 क्विंटल खाद्यान्न (4 क्विंटल चावल और 3 क्विंटल गेहूं) उपलब्ध था। इस खाद्यान्न को खुले में बिना किसी बर्तन के रखा गया था और उसमें कीड़े लगे पाए गए। यह स्थिति प्रभारी प्रधानाध्यापिका हेमलता की घोर लापरवाही और अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीनता को दर्शाती है। मौके पर उपस्थित प्रभारी प्रधानाध्यापिका हेमलता ने एमडीएम न बनने का कारण ग्राम प्रधान द्वारा कन्वर्जन कॉस्ट की धनराशि न निकालना बताया। हालांकि, ग्राम प्रधान पति राजेंद्र भारती ने इसके विपरीत कहा कि ग्राम प्रधान ने कई बार हेमलता से एमडीएम रजिस्टर पूर्ण करके लाने को कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। हेमलता को विद्यालय के विभिन्न खातों, जैसे विद्यालय प्रबंध समिति खाता और एमडीएम खाता में प्रेषित धनराशि के सापेक्ष विगत 5 वर्षों के आहरित धनराशि के बिल वाउचर, कैशबुक, संयुक्त हस्ताक्षर से स्टॉक पंजिका और एमडीएम पासबुक के साथ बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने इन अभिलेखों के साथ अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया, जो उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और मनमानी कार्यशैली को प्रदर्शित करता है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश कुमार पटेल ने बताया कि जांच समिति द्वारा उपलब्ध कराई गई आख्या के अनुसार, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर सकरवारी, शिक्षा क्षेत्र-अकबरपुर की प्रभारी प्रधानाध्यापिका हेमलता प्रथम दृष्टया दोषी पाई गई हैं, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली-1973 तथा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली, 1999 के नियम-4, 2 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए प्रकरण की जांच हेतु खंड शिक्षा अधिकारी टांडा, अंबेडकरनगर को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है।


