सीतामढ़ी में PCPNDT एक्ट पर डिस्ट्रिक्ट लेवल वर्कशॉप:जेंडर टेस्ट को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

सीतामढ़ी में PCPNDT एक्ट पर डिस्ट्रिक्ट लेवल वर्कशॉप:जेंडर टेस्ट को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

सीतामढ़ी में भ्रूण लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत PCPNDT अधिनियम पर एक जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय ने की। कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ PCPNDT अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लिंग निर्धारण और भ्रूण हत्या जैसे अवैध एवं अमानवीय कृत्यों में किसी भी प्रकार की संलिप्तता अस्वीकार्य है। उन्होंने लिंगानुपात को संतुलित और बेहतर बनाने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। कारावास और आर्थिक दंड सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी डीएम ने सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी अल्ट्रासाउंड केंद्र में लिंग परीक्षण या भ्रूण हत्या में संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित केंद्र का पंजीकरण तत्काल रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, दोषियों के विरुद्ध कारावास और आर्थिक दंड सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे कानून और मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध करार दिया। मौके पर पहुंचकर स्वयं जांच सुनिश्चित करने का निर्देश जिला पदाधिकारी ने तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को ऐसे मामलों में मौके पर पहुंचकर स्वयं जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रत्येक केंद्र में प्रति माह किए गए अल्ट्रासाउंड की संख्या की समीक्षा करने को भी कहा। मातृत्व पंजी के नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं और एएनएम को सौंपी गई, जबकि सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित निगरानी का निर्देश मिला। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना की गई बैठक में लिंगानुपात में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना की गई और परिवार नियोजन के महत्व पर भी जोर दिया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, यूनिसेफ और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सीतामढ़ी में भ्रूण लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत PCPNDT अधिनियम पर एक जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय ने की। कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ PCPNDT अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लिंग निर्धारण और भ्रूण हत्या जैसे अवैध एवं अमानवीय कृत्यों में किसी भी प्रकार की संलिप्तता अस्वीकार्य है। उन्होंने लिंगानुपात को संतुलित और बेहतर बनाने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। कारावास और आर्थिक दंड सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी डीएम ने सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी अल्ट्रासाउंड केंद्र में लिंग परीक्षण या भ्रूण हत्या में संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित केंद्र का पंजीकरण तत्काल रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, दोषियों के विरुद्ध कारावास और आर्थिक दंड सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे कानून और मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध करार दिया। मौके पर पहुंचकर स्वयं जांच सुनिश्चित करने का निर्देश जिला पदाधिकारी ने तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को ऐसे मामलों में मौके पर पहुंचकर स्वयं जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रत्येक केंद्र में प्रति माह किए गए अल्ट्रासाउंड की संख्या की समीक्षा करने को भी कहा। मातृत्व पंजी के नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं और एएनएम को सौंपी गई, जबकि सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित निगरानी का निर्देश मिला। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना की गई बैठक में लिंगानुपात में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना की गई और परिवार नियोजन के महत्व पर भी जोर दिया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, यूनिसेफ और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

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