बिहार की न्यायिक व्यवस्था ने डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। पटना हाई कोर्ट में शुक्रवार को तकनीक से युक्त नव-निर्मित ई-फाइलिंग सेंटर का विधिवत उद्घाटन माननीय मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने किया। इस पहल को न्यायालयों के आधुनिकीकरण और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद सहित कई न्यायाधीश, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। ऑनलाइन माध्यम से वादों की फाइलिंग कर सकेंगे नया ई-फाइलिंग सेंटर अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस है। यहां अधिवक्ता ऑनलाइन माध्यम से वादों की फाइलिंग कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। अब दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जमा करने की बाध्यता कम होगी और लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे न्यायिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। इस मौके पर न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू के नेतृत्व में न्यायिक प्रणाली निरंतर आधुनिक हो रही है। उन्होंने कहा कि ई-फाइलिंग सेंटर “पेपरलेस कोर्ट” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वादकारियों को सीधा लाभ मिलेगा बिहार के एडवोकेट जनरल P. K. Shahi ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था में तकनीक का समावेश समय की मांग है और इससे आम वादकारियों को सीधा लाभ मिलेगा। उद्घाटन के बाद मुख्य न्यायाधीश ने स्वयं केंद्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिवक्ताओं व वादकारियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। न्याय को अधिक सुलभ, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित हो सकती है। बिहार की न्यायिक व्यवस्था ने डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। पटना हाई कोर्ट में शुक्रवार को तकनीक से युक्त नव-निर्मित ई-फाइलिंग सेंटर का विधिवत उद्घाटन माननीय मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने किया। इस पहल को न्यायालयों के आधुनिकीकरण और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद सहित कई न्यायाधीश, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। ऑनलाइन माध्यम से वादों की फाइलिंग कर सकेंगे नया ई-फाइलिंग सेंटर अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस है। यहां अधिवक्ता ऑनलाइन माध्यम से वादों की फाइलिंग कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। अब दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जमा करने की बाध्यता कम होगी और लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे न्यायिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। इस मौके पर न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू के नेतृत्व में न्यायिक प्रणाली निरंतर आधुनिक हो रही है। उन्होंने कहा कि ई-फाइलिंग सेंटर “पेपरलेस कोर्ट” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वादकारियों को सीधा लाभ मिलेगा बिहार के एडवोकेट जनरल P. K. Shahi ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था में तकनीक का समावेश समय की मांग है और इससे आम वादकारियों को सीधा लाभ मिलेगा। उद्घाटन के बाद मुख्य न्यायाधीश ने स्वयं केंद्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिवक्ताओं व वादकारियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। न्याय को अधिक सुलभ, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित हो सकती है।


