धर्मनगरी नैमिषारण्य से शुरू हुई पौराणिक चौरासी कोसी परिक्रमा का ‘रामादल’ हरदोई जनपद की सीमा में प्रवेश करते ही पूरा क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। परिक्रमा के दूसरे पड़ाव हर्रैया में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से संत-महंतों का स्वागत किया। एसडीएम सण्डीला नारायणी भाटिया, सीओ सन्तोष कुमार सिंह और नायब तहसीलदार आकांक्षा अग्निहोत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने परिक्रमा सचिव महंत सन्तोष दास खाकी और अन्य महंतों को अंगवस्त्र भेंट कर आशीर्वाद लिया। गुरुवार आधी रात से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। भोर की पहली किरण के साथ ही भक्तों ने गोमती नदी के भेरिया घाट पर स्नान किया और हरिहर धाम में दर्शन-पूजन किया। इस पड़ाव पर मेले जैसा दृश्य था, जहां सेवा भाव की अनूठी मिसालें देखने को मिलीं। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया। शिवम द्विवेदी ने तहड़ी और मध्य प्रदेश की गिरिराज सेवा समिति ने कढ़ी-चावल का प्रसाद वितरित किया। परिक्रमा सचिव के अनुसार, इस वर्ष लगभग ढाई लाख परिक्रमार्थी शामिल हैं, जिनमें भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल और मॉरीशस जैसे देशों के श्रद्धालु भी पहुंचे हैं। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गोमती नदी में नावों से निगरानी की गई, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर निःशुल्क दवाइयां बांटीं। दिव्यांग महिला रामदेवी जैसी भक्तों का उत्साह उल्लेखनीय था, जो शारीरिक बाधाओं के बावजूद पिछले 5 वर्षों से इस कठिन परिक्रमा को पूरा कर रही हैं।


