Kitchen Gardening Tips: गर्मियों में अगर आप खाना चाहते हैं ऑर्गेनिक लौकी, तोरई, भिंडी और करेला? तो बिना देर किए यहां बताए गए तरीके से लगाएं ये हरी सब्जियां

Kitchen Gardening Tips: गर्मियों में अगर आप खाना चाहते हैं ऑर्गेनिक लौकी, तोरई, भिंडी और करेला? तो बिना देर किए यहां बताए गए तरीके से लगाएं ये हरी सब्जियां

Kitchen Gardening Tips: देश के ज्यादातर राज्यों में अभी से गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। जैसे ही तापमान बढ़ता है, लोग खाने में हरी-ताजी सब्जियां ज्यादा शामिल करना पसंद करते हैं। इसी कारण बाजार में इनकी मांग भी बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ कई बार फसल जल्दी तैयार करने के लिए केमिकल का इस्तेमाल होने लगता है और सब्जियों के दाम भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में अगर आपके घर में थोड़ी सी खाली जगह है या बालकनी में गमले रखने की सुविधा है, तो आप खुद ही ताजी और ऑर्गेनिक सब्जियां उगा सकते हैं। आज की इस स्टोरी में हम स्टेप-बाय-स्टेप बताने जा रहे हैं कि किचन गार्डन में लौकी, तोरई, भिंडी और करेला जैसी गर्मियों की हरी सब्जियां कैसे उगाई जा सकती हैं, ताकि आप इस गर्मी अपने घर पर ही बिना केमिकल वाली ताजी सब्जियों का आनंद उठा सकें।

लौकी, तोरई, भिंडी और करेला के बीज लगाने का सही समय (Right Time to Sow Seeds)

गर्मियों की सब्जियों के लिए जनवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक का समय सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान मिट्टी उपजाऊ रहती है और बीजों को ज्यादा पानी की जरूरत भी नहीं पड़ती, जिससे अंकुरण जल्दी होता है। अगर आप अपने किचन गार्डन में लौकी, तोरई, भिंडी और करेला लगाना चाहते हैं, तो फरवरी से मार्च के बीच बुवाई करना सही रहेगा। भिंडी को फरवरी के आखिरी सप्ताह से पूरे मार्च तक बोया जा सकता है, जबकि लौकी, तोरई और करेला भी इसी समय अच्छे से उगते हैं और आगे चलकर अच्छी पैदावार देते हैं।

बीज बोने से पहले करें तैयारी (Seed Preparation Before Sowing)

बीजों को सीधे मिट्टी में डालने से पहले 6 से 8 घंटे गुनगुने पानी में भिगो दें। इससे बीज जल्दी अंकुरित होते हैं और पौधे तेजी से बढ़ते हैं। यह छोटी सी तैयारी फसल की अच्छी शुरुआत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है।

मिट्टी का सही मिश्रण (Right Soil Mix)

अच्छी फसल के लिए सही मिट्टी का चुनाव बहुत जरूरी है। ऐसी मिट्टी लें जिसमें पानी जमा न हो और आसानी से बाहर निकल जाए। बलुई दोमट या दोमट मिट्टी इन सब्जियों के लिए सबसे बेहतर रहती है। मिट्टी में पुरानी गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाने से पौधों को भरपूर पोषण मिलता है और पैदावार भी अच्छी होती है। बता दें, करेला के लिए 6.0 से 7.0 pH वाली मिट्टी सही रहती है। लौकी 6.5 से 7.5 pH में अच्छी बढ़ती है। भिंडी के लिए 6.0 से 6.5 pH उपयुक्त रहता है, जबकि तोरई के लिए 5.5 से 6.8 pH वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है।

बीज कैसे लगाएं (How to Plant Seeds)

लौकी, तोरई और करेला बेल वाली सब्जियां हैं, इसलिए इन्हें थोड़ी ज्यादा जगह और सहारे की जरूरत होती है। इन बीजों को लगभग 1 से 1.5 इंच गहराई में लगाएं और एक जगह पर 2 बीज ही डालें। बता दें, करेला के बीज 1 इंच गहराई में 12–15 इंच की दूरी पर लगाएं और पौधे बढ़ने पर 5–6 फीट ऊंचा सहारा जरूर दें, ताकि बेल अच्छे से फैल सके। वहीं भिंडी के बीज ½ से 1 इंच गहराई में 12–18 इंच की दूरी पर लगाएं। तोरई के बीज 1 इंच गहराई में 2–3 एक साथ आप बो सकते हैं। बीज लगाने के बाद ऊपर से हल्की मिट्टी डालें और पानी का हल्का छिड़काव जरुर करें।

पानी, खाद और कीट-रोग से बचाव (Watering, Fertilizer and Pest Control)

पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए रोज हल्का पानी दें। गर्मी ज्यादा हो तो जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा बढ़ा सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि पानी जमा न हो। सुबह या शाम पानी देना सबसे बेहतर रहता है। अंकुर निकलने के 10–12 दिन बाद जीवामृत या गोबर की खाद का घोल डाल सकते हैं। जब पौधों में फूल आने लगें, तो करीब 15 दिन बाद केले के छिलकों का पानी या सरसों की खली का घोल देना फायदेमंद रहता है। कीटों से बचाने के लिए हर 7–10 दिन में नीम तेल का छिड़काव करें। यह काम सुबह या शाम को ही करें और पत्तों के नीचे भी स्प्रे जरूर करें।

ध्यान रखने वाली बातें (Important Tips)

बीज बहुत ज्यादा गहराई में न बोएं और पौधों को दोपहर की कड़ी धूप से बचाएं। अगर आप गमले में सब्जियां उगा रहे हैं, तो बड़े आकार का गमला या ग्रो बैग इस्तेमाल करें, ताकि जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। इन आसान तरीकों को अपनाकर आप अपने किचन गार्डन में लौकी, तोरई, भिंडी और करेला आसानी से उगा सकते हैं और गर्मियों में ताजी, सेहतमंद और ऑर्गेनिक सब्जियों का आनंद उठा सकते हैं।

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