विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का एक सनसनीखेज मामला यमुनानगर में सामने आया है। गांव ककड़ौनी निवासी एक युवती ने आरोप लगाया है कि ऑस्ट्रेलिया स्टडी वीजा दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने उससे और उसके परिवार से करीब 20 लाख रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली। वीजा न लगने पर पहले इंग्लैंड भेजने का भरोसा दिया गया, फिर फीस रिफंड का बहाना बनाकर टालमटोल की जाती रही। दो साल बीत जाने के बावजूद न तो विदेश भेजा गया और न ही पैसे लौटाए गए। उल्टा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 30 लाख रुपए में ऑस्ट्रेलिया पहुंचाने का आश्वासन शिकायतकर्ता रंजीता निवासी गांव ककड़ौनी ने सढौरा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 04.01.2024 को वह अपने माता-पिता के साथ सढौरा निवासी मुन्शी अली के संपर्क में आई। मुन्शी अली ने उसे गुरप्रीत चहल निवासी मोहाली के संत माजरा से मिलवाया जिसे CIES Pvt. Ltd. कंपनी का मालिक बताया गया, जिसका कार्यालय मोहाली के कैपमॉल-67 में स्थित है। गुरप्रीत चहल ने शिकायतकर्ता और उसके परिवार को ऑस्ट्रेलिया के स्टडी वीजा और टूरिस्ट वीजा के संबंध में जानकारी दी और उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने का भरोसा दिलाया। उसने पढ़ाई से संबंधित दस्तावेज लेकर कुल लगभग 30 लाख रुपये खर्च होने की बात कही तथा शेष राशि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद लेने का आश्वासन दिया। सात महीने बाद भी नहीं आया वीजा शिकायत के अनुसार, 10.01.2024 को शिकायतकर्ता के मामा के लड़के विक्रम, उसके माता-पिता और मुन्शी अली ने सढौरा में गुरप्रीत को लगभग 14 लाख रुपये नकद दिए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता के पिता ने 06.01.2024 को 50,000 रुपये RTGS के माध्यम से भेजे। इसके अलावा 30,000 रुपये UPI के जरिए, 4,20,000 रुपये UTR से 08.01.2024 तथा 1,85,000 रुपये UTR से 08.01.2024 को गुरप्रीत सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर किए। जोकि कुल राशि 20 लाख 85 हजार रुपए बनती है। गुरप्रीत ने 06.01.2024 को एक एफिडेविट और एग्रीमेंट भी उन्हें दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लगभग सात महीने बीत जाने के बावजूद उसे ऑस्ट्रेलिया का कोई वीजा नहीं दिलवाया गया। बाद में गुरप्रीत ने उसे इंग्लैंड भेजने का झांसा दिया, उसकी फाइल करनाल से लगवाई और बंधन बैंक, करनाल में उसका खाता खुलवाया, परंतु कुछ समय बाद इंग्लैंड भेजने से भी मना कर दिया। युवती के पिता ने उधार लेकर दी थी रकम शिकायतकर्ता ने बताया कि गुरप्रीत ने फीस रिफंड के लिए आवेदन करने की बात कही और 17,000 पाउंड की फीस 90 दिनों में वापस आने का आश्वासन दिया, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी कोई राशि वापस नहीं मिली। जब उन्होंने फोन पर संपर्क किया तो गुरप्रीत बहाने बनाता रहा और बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके पिता ने ब्याज पर पैसे उधार लेकर यह रकम दी थी, जिससे परिवार मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान है। करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी आरोपित ने न तो वीजा दिलवाया और न ही पैसे लौटाए। उल्टा पैसे मांगने पर वह टालमटोल करता रहा और शिकायत करने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी। आरोप है कि शिकायतकर्ता के पिता को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर गुरप्रीत व मुंशी अली के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।


