बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का आज चौथा दिन है। आज दोनों पाली में सोशल साइंस के पेपर होंगे। प्रदेश के कुल 1699 परीक्षा केंद्रों पर 15 लाख से ज्यादा बच्चे एग्जाम दे रहे हैं। इसके पहले मातृभाषा, मैथ्स और द्वितीय भारतीय भाषा सब्जेक्ट्स के पेपर हो चुके हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक हो रही है, जिसमें प्रवेश सुबह 9 बजे बंद कर दिया जाता है। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। सख्त सुरक्षा व्यवस्था, समय से पहले पहुंचने का निर्देश परीक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले मुख्य गेट बंद कर दिया जाता है। ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सके। 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल, छात्राओं की संख्या अधिक इस साल मैट्रिक परीक्षा में करीब 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक बताई जा रही है। पहली पाली में लगभग 7.58 लाख और दूसरी पाली में करीब 7.54 लाख परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। 3 दिन में 16 परीक्षार्थी निष्कासित परीक्षा के पहले दिन कुल 5 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया था। इनमें नवादा से 1, गोपालगंज से 2, मधेपुरा से 1 और अररिया से 1 परीक्षार्थी शामिल थे। वहीं दूसरे दिन भोजपुर से 6 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया। इस तरह दो दिनों में कुल 11 परीक्षार्थियों पर कार्रवाई की गई है। वहीं, तीसरे दिन कुल 5 छात्रों को निष्कासित किया गया है। जूता-मोजा पहनकर आने पर रोक बोर्ड की ओर से परीक्षार्थियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा केंद्र पर जूता और मोजा पहनकर न आएं। सुरक्षा जांच को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए यह नियम लागू किया गया है। नियम का पालन नहीं करने पर केंद्र में प्रवेश में परेशानी हो सकती है। पटना सहित सभी जिलों में विशेष व्यवस्था पटना सहित सभी जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पटना जिले में करीब 71 हजार परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा परीक्षा को आदर्श माहौल में आयोजित करने के लिए चार मॉडल परीक्षा केंद्र भी बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर महिला कर्मियों की तैनाती, हेल्प डेस्क, सजावट और अतिरिक्त सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का आज चौथा दिन है। आज दोनों पाली में सोशल साइंस के पेपर होंगे। प्रदेश के कुल 1699 परीक्षा केंद्रों पर 15 लाख से ज्यादा बच्चे एग्जाम दे रहे हैं। इसके पहले मातृभाषा, मैथ्स और द्वितीय भारतीय भाषा सब्जेक्ट्स के पेपर हो चुके हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक हो रही है, जिसमें प्रवेश सुबह 9 बजे बंद कर दिया जाता है। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। सख्त सुरक्षा व्यवस्था, समय से पहले पहुंचने का निर्देश परीक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले मुख्य गेट बंद कर दिया जाता है। ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सके। 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल, छात्राओं की संख्या अधिक इस साल मैट्रिक परीक्षा में करीब 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक बताई जा रही है। पहली पाली में लगभग 7.58 लाख और दूसरी पाली में करीब 7.54 लाख परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। 3 दिन में 16 परीक्षार्थी निष्कासित परीक्षा के पहले दिन कुल 5 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया था। इनमें नवादा से 1, गोपालगंज से 2, मधेपुरा से 1 और अररिया से 1 परीक्षार्थी शामिल थे। वहीं दूसरे दिन भोजपुर से 6 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया। इस तरह दो दिनों में कुल 11 परीक्षार्थियों पर कार्रवाई की गई है। वहीं, तीसरे दिन कुल 5 छात्रों को निष्कासित किया गया है। जूता-मोजा पहनकर आने पर रोक बोर्ड की ओर से परीक्षार्थियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा केंद्र पर जूता और मोजा पहनकर न आएं। सुरक्षा जांच को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए यह नियम लागू किया गया है। नियम का पालन नहीं करने पर केंद्र में प्रवेश में परेशानी हो सकती है। पटना सहित सभी जिलों में विशेष व्यवस्था पटना सहित सभी जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पटना जिले में करीब 71 हजार परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा परीक्षा को आदर्श माहौल में आयोजित करने के लिए चार मॉडल परीक्षा केंद्र भी बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर महिला कर्मियों की तैनाती, हेल्प डेस्क, सजावट और अतिरिक्त सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है।


