बहराइच जिले में सरकारी स्कूलों की निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों को कबाड़ में बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी के आदेश पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग के पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला जिले के रामगांव थाना क्षेत्र के मेंटूकहा इलाके का है। यहां दिलशाद कबाड़ी के गोदाम में खड़े ट्रक संख्या यूपी 21 एफटी 8485 में शैक्षणिक सत्र 2026-2027 की भारी मात्रा में सरकारी किताबें मिली थीं। इन किताबों को कबाड़ में बेचने के लिए काशीपुर (उत्तराखंड) ले जाने की तैयारी थी। जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी और पुलिस टीम ने तत्काल ट्रक को जब्त कर लिया था। जिलाधिकारी ने मामले की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया था। गुरुवार शाम को जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने कार्रवाई की। इसमें अनुचर आलोक कुमार और शफीक अहमद को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, अनुदेशक अतुल कुमार सिंह, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आशुतोष सिंह और स्पेशल एजुकेटर दीपक कुमार की संविदा समाप्त कर दी गई है। मामले में प्रभारी सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वीरेश कुमार वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) श्रीमती डाली मिश्रा और खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) रंजीत कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को जांच रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने प्रभारी सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वीरेश कुमार वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) श्रीमती डाली मिश्रा और खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) रंजीत कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।


