जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित ‘कृष्णा कुंज विलास’ सोसायटी का विवाद बढ़ गया है। जहां एक तरफ जेडीए उपायुक्त जोन-7 ने 20 महीने से काबिज कार्यकारिणी को हटाकर 1 मार्च तक चुनाव कराने का आदेश सुनाया था। वहीं अब जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले में महत्वपूर्ण अपील 20 जून 2023 से जेडीए में लंबित थी। आरोप है कि उपायुक्त जोन-7 को इस लंबित अपील की जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपील पर निर्णय होने का इंतजार करने के बजाय आनन-फानन में कार्यकारिणी को हटाने और चुनाव कराने का निर्णय लिया। जानकारों का मानना है कि यदि चुनाव हो जाते तो पुरानी अपील का औचित्य अपने आप ही समाप्त हो जाता। इसी ‘जल्दबाजी’ को आधार बनाकर अपीलार्थी प्रकाश मिश्रा ने आयुक्त न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। जेडीए आयुक्त ने 7 दिन में फाइल हाजिर करने का दिया आदेश
जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने न केवल उपायुक्त के चुनावी आदेशों पर स्टे दिया, बल्कि ‘तलाश पत्र’ पर भी जवाब तलब किया है। आयुक्त के आदेश की मुख्य बातें: मामले में अगली सुनवाई 24 फरवरी को है।


