संभल के निर्माणाधीन श्रीकल्कि धाम के तीसरे स्थापना दिवस पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् को ‘जगद्गुरु’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज ने इसकी घोषणा की। श्रीकल्कि धाम की आधारशिला 19 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। उक्त कार्यक्रम दोपहर 01 बजे शुरू हुआ और शाम 06 बजे संपन्न हुआ है। घोषणा गुरुवार को थाना ऐंचौड़ा कम्बोह गांव में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। आनंद पीठाधीश्वर बालकानंद के प्रस्ताव पर महंत रवींद्र पुरी महाराज ने आचार्य प्रमोद कृष्णम् को जगद्गुरु घोषित करते हुए चादर ओढ़ाकर उनका अभिषेक किया। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के आह्वान पर महामंडलेश्वर स्वामी विरजानंद गिरी महाराज ने निरंजनी अखाड़े की ओर से चादर विधि संपन्न की। यह स्थापना दिवस फूलों की होली के साथ मनाया गया। पहले 3 देखिए तस्वीरें…
इस अवसर पर 28 अप्रैल को कल्कि जयंती मनाने की भी घोषणा की गई। बताया गया कि इस आयोजन में 13 अखाड़े उपस्थित रहेंगे। जगद्गुरु की उपाधि मिलने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने अखाड़ा परिषद और उसके अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह सनातन, कल्कि धाम और भारत के लिए सनातन के सेवक के रूप में काम करना चाहते हैं। आचार्य कृष्णम् ने स्वयं को ‘जगत का सेवक’ और ‘सनातन का सेवक’ बताया। आचार्य कृष्णम् ने बटुकों के सम्मान की परंपरा को अच्छी बताया और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के विचारों से सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों की शिखाओं से खिलवाड़ करना या किसी समुदाय को अपमानित करना उचित नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनका निशाना योगी आदित्यनाथ हैं, जिन्हें 10 साल से धमकियां मिल रही हैं और वे किसी धमकी से नहीं डरते। आचार्य कृष्णम् ने कहा कि जिसे कूच करना है वह कूच करे, कूच करने से योगी जी डरते नहीं हैं। जितना कूच करेंगे, उतनी ही योगी जी की पूंछ बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि संत समाज सनातन और सत्य के साथ खड़ा है। संत समाज सनातन को तोड़ने वाली साजिशों और लोगों का साथ नहीं देगा। कार्यक्रम में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया, आरएसएस के जिला प्रचारक संजीव, विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री गौरव प्रताप, भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह, बीएसए अलका शर्मा, स्वामी सत्यानंद के अलावा गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उड़ीसा और यूपी के अलग-अलग शहरों से श्रद्धालु पहुंचे।


