कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर बजट की बारीकियों को समझने का मौका तब मिला, जब एमिटी बिजनेस स्कूल ने केंद्रीय बजट-2026 पर आधारित पैनल चर्चा ‘आर्थिक मंथन 2026’ का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रबंधन के विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देना और विशेषज्ञों से सीधे चर्चा करना था । दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम को दो सत्र में बांटा गया। पहले सत्र में विद्यार्थियों ने बजट-2026 पर आधारित नाट्य प्रस्तुतिवफ़ा और सिमुलेशन पेश किया। मॉक लाइव न्यूज़, संसद में बजट भाषण और न्यूज़रूम बहस ने माहौल को वास्तविक बना दिया।छात्रों ने नरेन्द्र मोदी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, योगी आदित्यनाथ, एस जयशंकर और टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप की भूमिकाएं निभाकर बजट पर उनकी सोच को मंचित किया। बजट में महिलाओं की शिक्षा और रोजगार पर फोकस दूसरे खंड में पैनल चर्चा हुई सीएस तनु अग्रवाल ने कहा कि बजट में महिलाओं की शिक्षा और रोजगार पर खास फोकस है। ‘लखपति दीदी’ और एमएसएमई जैसी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कदम हैं। सीए जतिन श्रीवास्तव ने जीडीपी में महिलाओं के घरेलू योगदान को शामिल करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि अगर भारत में भी होम सर्विस और चाइल्ड केयर को जीडीपी में जोड़ा जाए, तो देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति और मजबूत नजर आएगी। आयकर सुधार पर उन्होंने सरल कानून की वकालत की। वैश्विक हालात बजट को प्रभावित करते हैं सचिन साहनी ने एआई के प्रभाव पर कहा कि नौकरियों का स्वरूप बदलेगा, इसलिए पारंपरिक सोच छोड़कर संरचनात्मक बदलाव जरूरी हैं।वहीं वीरेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वैश्विक हालात युद्ध और जलवायु परिवर्तन बजट को प्रभावित करते हैं, लेकिन यह बजट दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करता है। ये लोग शामिल हुए इस मौके पर कीरोस सुपरफूड्स के संस्थापक एवं TEDx वक्ता सचिन साहनी, टॉकलॉज की संस्थापक और साहू ग्रुप में ग्रुप हेड (लीगल एंड कंप्लायंस) सीएस तनु अग्रवाल, बिजनेस स्टैंडर्ड के वित्तीय पत्रकार वीरेन्द्र सिंह रावत, सेठ एंड एसोसिएट्स के सह-संस्थापक सीए जतिन श्रीवास्तव, जनसंपर्क एवं संचार के उपनिदेशक चन्द्र शेखर वर्मा तथा कार्यवाहक निदेशक प्रो. अल्पना श्रीवास्तव उपस्थित रहे।


