रामकृष्ण परमहंस की 191वीं जयंती मनाई गई:कटिहार रामकृष्ण मिशन आश्रम में श्रद्धा-भक्ति से हुआ कार्यक्रम

रामकृष्ण परमहंस की 191वीं जयंती मनाई गई:कटिहार रामकृष्ण मिशन आश्रम में श्रद्धा-भक्ति से हुआ कार्यक्रम

कटिहार के रामकृष्ण मिशन आश्रम में महान संत रामकृष्ण परमहंस की 191वीं आविर्भाव तिथि श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तजन आश्रम परिसर में एकत्र हुए और दिन भर आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मंगल आरती और विशेष पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ का आयोजन किया गया, जिससे हवन की पवित्र अग्नि और मंत्रध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भाग लिया यज्ञ के पश्चात कीर्तन और भजन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भाग लिया। कीर्तन के दौरान रामकृष्ण परमहंस के जीवन, उनके उपदेशों तथा मानवता, प्रेम और सर्वधर्म समभाव के संदेशों का स्मरण किया गया। इस अवसर पर आश्रम के सचिव स्वामी महेश्वरानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि रामकृष्ण परमहंस के विचार आज भी समाज को आध्यात्मिक और नैतिक दिशा प्रदान करते हैं। सभी उपस्थित भक्तों ने सहभागिता की कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित भक्तों ने सहभागिता की। पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर में शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और प्रेरणा प्राप्त हुई। कटिहार के रामकृष्ण मिशन आश्रम में महान संत रामकृष्ण परमहंस की 191वीं आविर्भाव तिथि श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तजन आश्रम परिसर में एकत्र हुए और दिन भर आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मंगल आरती और विशेष पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ का आयोजन किया गया, जिससे हवन की पवित्र अग्नि और मंत्रध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भाग लिया यज्ञ के पश्चात कीर्तन और भजन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भाग लिया। कीर्तन के दौरान रामकृष्ण परमहंस के जीवन, उनके उपदेशों तथा मानवता, प्रेम और सर्वधर्म समभाव के संदेशों का स्मरण किया गया। इस अवसर पर आश्रम के सचिव स्वामी महेश्वरानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि रामकृष्ण परमहंस के विचार आज भी समाज को आध्यात्मिक और नैतिक दिशा प्रदान करते हैं। सभी उपस्थित भक्तों ने सहभागिता की कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित भक्तों ने सहभागिता की। पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर में शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और प्रेरणा प्राप्त हुई।  

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