इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन प्रक्रिया पर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई हुई। न्यायालय ने इस मामले में अंतरिम रोक आदेश को एक हफ्ते तक बढ़ा दिया है। अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी, जिसमें याचियों को अपनी लिखित बहस दाखिल करने को कहा गया है। याची की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं ने न्यायालय को बताया कि शिक्षकों के समायोजन में नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जुलाई 2025 में स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तो नवंबर में दोबारा शिक्षकों का समायोजन क्यों किया गया? याचियों को सुने बिना ही उनका स्थानांतरण कर दिया गया। इससे जुड़ी एक याचिका पहले ही निस्तारित राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि इसी याचिका से संबंधित एक याचिका का निस्तारण इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पहले ही कर दिया गया है। उन्होंने अनुरोध किया कि उसी आदेश के सापेक्ष में यहां भी वही आदेश पारित किया जाए। न्यायालय ने सुनवाई के बाद याचियों के अधिवक्ता से कहा कि याचिका की संख्या अधिक है। इसलिए, प्रत्येक याची अपनी-अपनी लिखित बहस न्यायालय में दाखिल करे। यह आदेश न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की एकल पीठ ने संगीता पाल और 131 अन्य याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के पश्चात पारित किया।


