शहनाइयों की गूंज के बीच थम गई जिंदगी, शादी के घर में पसरा मातम

शहनाइयों की गूंज के बीच थम गई जिंदगी, शादी के घर में पसरा मातम

– दिल खोलकर किया नृत्य, कुछ देर बाद ही खुशियां दु:ख में बदल गई

भवानीमंडी.(झालावाड़) थाना क्षेत्र के पिपलिया गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। जिस आंगन में शहनाइयों की मधुर धुन गूंज रही थी, खुशियों के रंग बिखरे थे और शादी की तैयारियां चरम पर थीं। वहां पलभर में ही मातम छा गया। विवाह की खुशियां अचानक आंसुओं में बदल गईं। गांव पिपलिया में भैरुलाल के पुत्र मनोज और पुत्री प्रियंका की शादी के अवसर पर बुधवार देर रात निकासी (बिंदौरी) का आयोजन पूरे उत्साह के साथ किया जा रहा था। ढोल-नगाड़ों की थाप पर चाचा माणकचंद प्रजापति पुत्र रामप्रताप (35) खुशी से झूम रहे थे। रिश्तेदारों के अनुसार उन्होंने दिल खोलकर नृत्य किया, खुशियों में लोगों पर पैसे भी लुटाए और हर चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब मेहमान विश्राम की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक माणकचंद के सीने में तेज दर्द उठा। परिजन पहले इसे सामान्य तकलीफ समझे, लेकिन हालत बिगड़ने पर तुरंत उन्हें झालावाड़ जिला अस्पताल ले जाया गया। दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थी।

डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ बताया। गुरुवार को सजी हुई जगहों के बीच रोते-बिलखते परिजन और अधूरी तैयारियां जिंदगी की अनिश्चितता की गवाही दे रही थी।

मृतक के छोटे भाई अशोक प्रजापति ने बताया कि शुक्रवार को प्रियंका की बारात आनी थी और शनिवार को मनोज की बारात रवाना होनी थी, लेकिन इस दुखद घटना के बाद पूरे घर में मातम छा गया। गांवभर में शोक का माहौल है और हर आंख नम है। पिपलिया चौकी प्रभारी जयदीप सिंह हाड़ा ने बताया की पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। शाम को अंतिम संस्कार किया। माणकचन्द के एक लड़का व एक लड़की है।

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