महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत को लेकर पवार परिवार की ओर से गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने गुरुवार को राज्य सरकार से विधायक रोहित पवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। सुले ने चिंता जताई कि रोहित इस हादसे से जुड़े गंभीर सवाल और तथ्य सार्वजनिक रूप से उठा रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
सुप्रिया सुले की सरकार से ये मांग
सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। सुले के अनुसार, रोहित पवार जनता की भावनाओं और शंकाओं को एक शोधपूर्ण तरीके से अधिकारियों के सामने रख रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यवस्था से सवाल पूछना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रोहित पवार पूरी तरह सुरक्षित रहें।
अजित पवार के बेटे को साजिश की आशंका
हादसे के करीब तीन हफ्ते बाद अजित पवार के बेटे जय पवार ने भी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए इस पूरी घटना की ‘निष्पक्ष और पारदर्शी’ जांच की मांग की। जय ने विशेष रूप से विमान के ब्लैक बॉक्स को नुकसान पहुंचने की खबरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ब्लैक बॉक्स इतनी आसानी से नष्ट नहीं हो सकता।
उन्होंने ‘वीएसआर वेंचर्स’ (VSR Ventures) पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की, जिसका लीयरजेट 45 विमान इस हादसे का शिकार हुआ था। उनका कहना है कि विमानन कंपनी की संभावित लापरवाही और अनियमितताओं की विस्तृत जांच होनी चाहिए।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी।
क्या पायलट ने क्रैश किया अजित पवार का प्लेन? भतीजे का आरोप
इससे पहले एनसीपी शरद गुट के विधायक रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस हादसे के पीछे गहरी साजिश होने का संदेह जताया था। उन्होंने सवाल उठाया कि बारामती जैसी छोटी उड़ान के लिए विमान का फ्यूल टैंक पूरी तरह क्यों भरा गया था? साथ ही, रिपोर्टों में ब्लैक बॉक्स के जलने की बात कही जा रही है, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक बॉक्स अत्यधिक गर्मी और प्रभाव को झेलने के लिए ही बनाया जाता है।
अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने दावा किया कि हादसे वाले दिन बारामती में आवश्यक मानकों से कम दृश्यता होने के बावजूद पायलट कैप्टन सुमित कपूर ने विमान को वापस नहीं मोड़ा। ऐसा लगता है जैसे विमान को जानबूझकर नीचे उतारते हुए विस्फोट कराया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि विमान में जरुरत से कहीं ज्यादा करीब 3000-3500 लीटर ईंधन था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विमान के अंदर भी ईंधन के कैन रखे गए थे, ताकि टकराते ही विमान एक ‘बम’ की तरह फट जाए। उन्होंने ने नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू के इस्तीफे की मांग करते हुए एक स्वतंत्र पैनल से जांच कराने की अपील की है।
AAIB ने कहा- ब्लैक बॉक्स को नुकसान पहुंचा
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर लगे थे। हादसे के बाद दोनों रिकॉर्डर लंबे समय तक अत्यधिक हीट और आग की चपेट में रहे, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा। इसके बावजूद जांच एजेंसी तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से प्राप्त करने की प्रक्रिया में जुटी है।
हालांकि बयान में यह भी कहा गया है कि डिजिटल फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) का डाटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है, जबकि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) की जांच जारी है। डाटा रिकवरी की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से अंजाम देने के लिए विशेष तकनीकी सहयोग भी लिया जा रहा है। एएआईबी ने कहा कि पूरी जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित तरीके से की जा रही है। सभी तय मानकों और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
गौरतलब हो कि 28 जनवरी की सुबह करीब 8:10 बजे वीएसआर वेंचर्स का छोटा विमान लेयरजेट-45 अजित पवार को लेकर मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ। लेकिन सुबह 8.45 बजे लैंडिंग से ठीक पहले विमान बारामती रनवे से मात्र 50 मीटर दूर क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों- अजित पवार, उनके सुरक्षा रक्षक विदीप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक की जान चली गई।


