चेन्नई में भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC) ने एंटी-वाइस स्क्वाड-1 ( AVS ) की इंस्पेक्टर K राजलक्ष्मी के खिलाफ 5.42 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति रखने के आरोप में केस दर्ज किया है। हाल ही में दर्ज हुई इस FIR के अनुसार, राजलक्ष्मी पर उनकी ज्ञात आय के मुकाबले 372% अधिक संपत्ति जुटाने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच के अनुसार, के. राजलक्ष्मी ने जून 2017 से 30 जून 2025 तक की अवधि में आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। वर्ष 2017 में उनकी कुल संपत्ति मात्र 3.64 लाख रुपए थी, जो 2025 तक बढ़कर 4.62 करोड़ रुपए हो गई। इस दौरान उनकी अनुमानित मासिक आय 1.45 करोड़ रुपए रही, जबकि खर्च 2.25 करोड़ रुपए और बचत 80.18 लाख रुपए बताई गई। जांच में यह भी सामने आया कि उनके और परिवार के नाम पर कई चल-अचल संपत्तियां जमा की गई हैं।
पुलिस विभाग में लंबा अनुभव
राजलक्ष्मी ने अप्रैल 1999 में महिला सहायक निरीक्षक के रूप में पुलिस विभाग में प्रवेश किया था। 2010 में पदोन्नति के बाद उन्होंने चेन्नई के निषेध प्रवर्तन प्रकोष्ठ, आर्थिक अपराध शाखा, सहायक निवारण प्रकोष्ठ और परिवहन जांच प्रकोष्ठ समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दीं। आरोपों के मुताबिक, इसी दौरान उन्होंने अवैध तरीके से संपत्ति जमा की।
केस दर्ज और छापेमारी
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और उसके संशोधन अधिनियम, 2018 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। बीते शुक्रवार को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने तिरुमंगलम के पास वेलकम कॉलोनी स्थित राजलक्ष्मी के आवास पर करीब चार घंटे तक छापेमारी की। हालांकि, छापे के दौरान जब्त वस्तुओं का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यह मामला चेन्नई पुलिस और DVAC के लिए एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।



