किशनगंज जिले में दहेज प्रताड़ना का एक मामला सामने आया है। एक गर्भवती महिला ने अपने पति सहित ससुराल पक्ष के आठ लोगों पर दहेज की मांग को लेकर मारपीट करने और घर से निकालने का आरोप लगाया है। इस संबंध में महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 21 दिसंबर 2023 को मुस्लिम रीति-रिवाज से टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र के पीपरा काशीबाड़ी निवासी रूबेद आलम से हुई थी। शादी के एक महीने बाद ही पति रूबेद आलम, ससुर राशिद आलम, सास जैनाब, भैसुर जाबिद आलम, नवेद आलम, देवर जिसान (सभी काशीबाड़ी पीपरा निवासी) और बड़ी ननद बेबीनाज व ननदोई इस्तेखार (शीमलमनी, थाना सिकटी, जिला अररिया) ने दहेज की मांग शुरू कर दी। उन्होंने एक बुलेट मोटरसाइकिल, तीन भरी सोना, 50 भरी चांदी, पलंग और सोफा की मांग की। पीड़िता के अनुसार, उसकी विधवा मां गरीब होने के कारण यह सामान नहीं दे पाईं, जिसके बाद उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। ससुराल वालों ने उस पर गर्भ गिराने का दबाव डाला
फरवरी 2024 में पति पीड़िता को सूरत (अहमदाबाद) ले गया, जहां वह सात महीने तक रही। वहां भी दहेज के लिए उसके साथ मारपीट की गई। इसी दौरान वह गर्भवती हुई। दिसंबर 2024 में ससुराल लौटने पर गर्भवती होने का पता चलने पर ससुराल वालों ने उस पर गर्भ गिराने का दबाव डाला, लेकिन पीड़िता ने इनकार कर दिया। 1 जनवरी 2025 को सुबह करीब 10 बजे दहेज न देने पर सभी आरोपियों ने मिलकर पीड़िता के साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। पीड़िता अपनी मां के घर बलुआजागीर पहुंची, जहां उसने एक पुत्री को जन्म दिया। ससुराल वालों ने उसकी या बच्ची की कोई सुध नहीं ली
पीड़िता का आरोप है कि बच्ची के जन्म के बाद भी पति और ससुराल वालों ने उसकी या बच्ची की कोई सुध नहीं ली और न ही उनका भरण-पोषण किया। उसने कई बार सुलह का प्रयास किया, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। महिला थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किशनगंज जिले में दहेज प्रताड़ना का एक मामला सामने आया है। एक गर्भवती महिला ने अपने पति सहित ससुराल पक्ष के आठ लोगों पर दहेज की मांग को लेकर मारपीट करने और घर से निकालने का आरोप लगाया है। इस संबंध में महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 21 दिसंबर 2023 को मुस्लिम रीति-रिवाज से टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र के पीपरा काशीबाड़ी निवासी रूबेद आलम से हुई थी। शादी के एक महीने बाद ही पति रूबेद आलम, ससुर राशिद आलम, सास जैनाब, भैसुर जाबिद आलम, नवेद आलम, देवर जिसान (सभी काशीबाड़ी पीपरा निवासी) और बड़ी ननद बेबीनाज व ननदोई इस्तेखार (शीमलमनी, थाना सिकटी, जिला अररिया) ने दहेज की मांग शुरू कर दी। उन्होंने एक बुलेट मोटरसाइकिल, तीन भरी सोना, 50 भरी चांदी, पलंग और सोफा की मांग की। पीड़िता के अनुसार, उसकी विधवा मां गरीब होने के कारण यह सामान नहीं दे पाईं, जिसके बाद उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। ससुराल वालों ने उस पर गर्भ गिराने का दबाव डाला
फरवरी 2024 में पति पीड़िता को सूरत (अहमदाबाद) ले गया, जहां वह सात महीने तक रही। वहां भी दहेज के लिए उसके साथ मारपीट की गई। इसी दौरान वह गर्भवती हुई। दिसंबर 2024 में ससुराल लौटने पर गर्भवती होने का पता चलने पर ससुराल वालों ने उस पर गर्भ गिराने का दबाव डाला, लेकिन पीड़िता ने इनकार कर दिया। 1 जनवरी 2025 को सुबह करीब 10 बजे दहेज न देने पर सभी आरोपियों ने मिलकर पीड़िता के साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। पीड़िता अपनी मां के घर बलुआजागीर पहुंची, जहां उसने एक पुत्री को जन्म दिया। ससुराल वालों ने उसकी या बच्ची की कोई सुध नहीं ली
पीड़िता का आरोप है कि बच्ची के जन्म के बाद भी पति और ससुराल वालों ने उसकी या बच्ची की कोई सुध नहीं ली और न ही उनका भरण-पोषण किया। उसने कई बार सुलह का प्रयास किया, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। महिला थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


