नवादा में कृषि महाविद्यालय की मांग:गोविंदपुर विधायक विनीता मेहता ने सदन में उठाया मुद्दा

नवादा में कृषि महाविद्यालय की मांग:गोविंदपुर विधायक विनीता मेहता ने सदन में उठाया मुद्दा

नवादा की गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक विनीता मेहता ने गुरुवार को सदन में कौवाकोल प्रखंड स्थित शेखोदेवरा आश्रम के निकट कृषि महाविद्यालय स्थापित करने की मांग उठाई। विधायक मेहता ने बताया कि शेखोदेवरा आश्रम अच्छी किस्म के बीज और फलों की खेती के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण 1954 से 1970 तक यहीं रहे थे और यहीं से अपनी रणनीतियां तैयार की थीं, जिससे यह स्थान ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में भी किसान और छात्र यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। कृषि शिक्षा और शोध पर विशेष ध्यान दिया गया उन्होंने तर्क दिया कि इस आश्रम के पास कृषि महाविद्यालय की स्थापना से स्थानीय किसानों और छात्रों को लाभ मिलेगा, साथ ही यह लोकनायक जयप्रकाश नारायण को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी। इसके जवाब में, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सदन को सूचित किया कि 2008 के कृषि रोड मैप के बाद से कृषि शिक्षा और शोध पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने 2010 में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर की स्थापना सहित कई संस्थानों का जिक्र किया। ”सरकार ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए कृषि विषय को लेकर गंभीर” मंत्री ने 2011 में भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया और वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव (बक्सर); 2015 में डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज; तथा 2021-22 में सुपौल, भोजपुर (आरा), मीठापुर (पटना) और मुंगेर में स्थापित अन्य कृषि महाविद्यालयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए कृषि विषय को लेकर गंभीर है और बड़े पैमाने पर विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों का निर्माण किया गया है। हालांकि, मंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि कौवाकोल में कृषि महाविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। नवादा की गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक विनीता मेहता ने गुरुवार को सदन में कौवाकोल प्रखंड स्थित शेखोदेवरा आश्रम के निकट कृषि महाविद्यालय स्थापित करने की मांग उठाई। विधायक मेहता ने बताया कि शेखोदेवरा आश्रम अच्छी किस्म के बीज और फलों की खेती के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण 1954 से 1970 तक यहीं रहे थे और यहीं से अपनी रणनीतियां तैयार की थीं, जिससे यह स्थान ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में भी किसान और छात्र यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। कृषि शिक्षा और शोध पर विशेष ध्यान दिया गया उन्होंने तर्क दिया कि इस आश्रम के पास कृषि महाविद्यालय की स्थापना से स्थानीय किसानों और छात्रों को लाभ मिलेगा, साथ ही यह लोकनायक जयप्रकाश नारायण को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी। इसके जवाब में, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सदन को सूचित किया कि 2008 के कृषि रोड मैप के बाद से कृषि शिक्षा और शोध पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने 2010 में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर की स्थापना सहित कई संस्थानों का जिक्र किया। ”सरकार ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए कृषि विषय को लेकर गंभीर” मंत्री ने 2011 में भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया और वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव (बक्सर); 2015 में डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज; तथा 2021-22 में सुपौल, भोजपुर (आरा), मीठापुर (पटना) और मुंगेर में स्थापित अन्य कृषि महाविद्यालयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए कृषि विषय को लेकर गंभीर है और बड़े पैमाने पर विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों का निर्माण किया गया है। हालांकि, मंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि कौवाकोल में कृषि महाविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।  

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