उत्तर कोरिया ने तैनात किए 50 नए परमाणु सक्षम रॉकेट लॉन्चर, ईरान-अमेरिका तनाव के बीच किम जोंग की बड़ी चाल

उत्तर कोरिया ने तैनात किए 50 नए परमाणु सक्षम रॉकेट लॉन्चर, ईरान-अमेरिका तनाव के बीच किम जोंग की बड़ी चाल

उत्तर कोरिया ने वैश्विक राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। देश के तानाशाह किम जोंग उन ने छोटी दूरी की परमाणु-सक्षम मिसाइलों के लिए 50 नए लॉन्च वाहनों का अनावरण किया। यह भव्य आयोजन आगामी वर्कर्स पार्टी कांग्रेस से पहले उनकी बढ़ती सैन्य ताकत का प्रदर्शन करने के उद्देश्य से किया गया।

किम जोंग उन का सैन्य शक्ति प्रदर्शन

ये वाहन 600 मिलीमीटर मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का हिस्सा हैं। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये वाहन छोटे दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और बड़े तोपखाने रॉकेट सिस्टम के बीच अंतर को धुंधला कर देते हैं, क्योंकि ये मिसाइलें थ्रस्ट उत्पन्न कर सकती हैं और लक्ष्य तक मार्गदर्शन योग्य हैं। किम ने भाषण में कहा कि ये “शानदार” रॉकेट लॉन्चर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत गाइडिंग तकनीक से लैस हैं, जो रणनीतिक मिशनों के लिए तैयार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से परमाणु क्षमता का संकेत देता है।

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ तनाव

उत्तर कोरिया और अमेरिका के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। 2019 के बाद से, अमेरिकी-नेतृत्व वाली प्रतिबंधों और परमाणु कूटनीति की विफलताओं के कारण, उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ अधिकांश बातचीत और सहयोग निलंबित कर दिया। हाल के वर्षों में, किम ने कोरियाई प्रायद्वीप पर दो-राज्य व्यवस्था की घोषणा कर दी, जिससे शांति और एकीकरण के पुराने लक्ष्यों को ठुकरा दिया गया। किम की बहन और प्रमुख विदेश नीति अधिकारी किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के एक मंत्री द्वारा कथित ड्रोन उल्लंघनों पर माफी स्वीकार की, लेकिन चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसी गतिविधियाँ हुईं, तो उत्तर कोरिया बलपूर्वक प्रतिक्रिया देगा।

अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम लंबी दूरी की मिसाइलें

किम ने यह भी संकेत दिया कि आगामी पार्टी कांग्रेस में उनकी परमाणु-सशस्त्र सैन्य क्षमताओं का विस्तार होगा। इसमें एशियाई अमेरिकी सहयोगियों और अमेरिकी मुख्य भूमि तक पहुंचने में सक्षम लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं। किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के चुंग डोंग-यंग के माफी प्रस्ताव को “उच्च मूल्यांकन” दिया, लेकिन दोहराया कि उत्तर कोरिया की सेना सीमा सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करेगी।

भविष्य की चुनौतियाँ और अंतर-कोरियाई संबंध

दक्षिण कोरिया की सरकार 2018 में निलंबित अंतर-कोरियाई सैन्य समझौते को बहाल करने पर विचार कर रही है, जिसमें नो-फ्लाई ज़ोन शामिल है। इसका उद्देश्य भविष्य में ड्रोन उल्लंघनों को रोकना है। जबकि दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया द्वारा बताए गए ड्रोन ऑपरेशनों से इनकार किया है, सीमा क्षेत्र में तीन नागरिकों की जांच की जा रही है।

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