Neena Gupta Interview: एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने हाल ही में एक बातचीत में भारतीय समाज में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और पितृसत्ता की जटिलताओं पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की और उन्होंने बताया कि कई लोग ये मानते हैं कि समय के साथ चीजें बेहतर हो रही हैं, लेकिन वास्तविकता में महिलाओं को अभी भी कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है, खासकर शादी और ससुराल के संदर्भ में।
वर्जिन दुल्हन की मांग नॉर्मल
साथ ही, नीना ने ये भी स्पष्ट किया कि आज भी भारतीय परिवारों में वर्जिन दुल्हन की मांग नॉर्मल है। उन्होंने कहा, ” आज भी लोग वर्जिन वाइफ चाहते हैं। अब क्या बदला है? क्या आप भारत की बात कर रही हैं? हम जैसे लोग जो खुले विचार रखते हैं, असली भारत नहीं हैं। असली भारत में महिलाएं आज भी परंपरागत दबावों के नीचे दबी हैं, सिर पर पल्लू डालकर अपने ससुर के पैर छूती हैं।”
इतना ही नहीं, अपनी बात को और मजबूती देने के लिए नीना ने अपने परिवार के 2 उदाहरण शेयर किए, जिसमें उन्होंने बताया कि एक लड़की, जो साईं बाबा की पूजा करती थी, जब मुंबई में अपने पति और परिवार के साथ नहीं रहना चाहती है, तो उसकी सास ने उसके कमरे में साईं बाबा की तस्वीर रखने की इजाजत नहीं दी और उसे निर्देश दिया कि वो अपने परिवार के मान्य गुरु की तस्वीर ही लगाए।
30 साल की उम्र में एक सिंगल मदर बनीं
उदाहरण के तौर पर में नीना ने अपनी भतीजी की कहानी सुनाई, जिन्हें अपनी सास ने अपने बेडसाइड टेबल पर परिवार की फोटो रखने से मना किया था। ये घटनाएं साफ करती हैं कि महिलाएं आज भी परिवार में अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और पहचान के लिए संघर्ष कर रही हैं।
बता दें, नीना गुप्ता ने ये भी खुलासा किया कि वो 30 साल की उम्र में एक सिंगल मदर बनीं और अपनी बेटी मसाबा का बिना शादी के स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ये फैसला उनके लिए सही रहा, लेकिन इसे हर किसी के लिए सलाह के रूप में नहीं देना चाहतीं।


