बक्सर में केंद्रीय विद्यालय को आखिरकार अपनी स्थायी जमीन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। करीब 30 वर्षों से एमपी हाई स्कूल के भवन में संचालित हो रहे इस विद्यालय के लिए अब प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। हालांकि, जमीन चिन्हित होते ही इसके श्रेय को लेकर राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने दावा किया है कि उन्होंने वर्ष 2016 से ही विद्यालय के लिए लगातार प्रयास किए थे। उनके अनुसार, 11 नंबर लाख के पास 3.81 एकड़ जमीन चिन्हित कराई गई थी। हाई टेंशन तार और पोल हटवाने तक की प्रक्रिया पूरी कराई तिवारी ने बताया कि उन्होंने उस भूखंड के ऊपर से गुजर रहे हाई टेंशन तार और पोल हटवाने तक की प्रक्रिया पूरी कराई। उन्होंने इस संबंध में एग्रीमेंट भी कराया, जिसका लिखित प्रमाण उनके पास मौजूद है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि वे ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ या ‘पेड प्रमोशन’ की राजनीति नहीं करते, लेकिन वर्तमान जनप्रतिनिधि द्वारा झूठा श्रेय लेने के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से ये तथ्य रखने पड़े। भूमि उपलब्ध कराने का श्रेय वर्तमान सरकार के प्रयासों को दिया दूसरी ओर, सदर विधायक आनंद मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भूमि उपलब्ध कराने का श्रेय वर्तमान सरकार के प्रयासों को दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में स्थापना के बाद से विद्यालय अस्थायी रूप से एम.पी. हाई स्कूल परिसर में संचालित हो रहा था। विधायक मिश्र ने कहा कि भूमि आवंटन से विद्यालय को स्थायी स्वरूप देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व और शिक्षा मंत्री की प्राथमिकता का परिणाम बताया और चुनाव के बाद सौ दिनों के भीतर भूमि आवंटन का अपना संकल्प पूरा होने की बात कही। भवन निर्माण की दिशा में विभागीय पहल शुरू की जाएगी आनंद मिश्रा ने जिला प्रशासन, विशेषकर जिला पदाधिकारी और अंचलाधिकारी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण की दिशा में विभागीय पहल शुरू की जाएगी। फिलहाल, बक्सर की जनता विकास कार्य के स्वागत के साथ-साथ इस सियासी संग्राम पर भी नजर बनाए हुए है। बक्सर में केंद्रीय विद्यालय को आखिरकार अपनी स्थायी जमीन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। करीब 30 वर्षों से एमपी हाई स्कूल के भवन में संचालित हो रहे इस विद्यालय के लिए अब प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। हालांकि, जमीन चिन्हित होते ही इसके श्रेय को लेकर राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने दावा किया है कि उन्होंने वर्ष 2016 से ही विद्यालय के लिए लगातार प्रयास किए थे। उनके अनुसार, 11 नंबर लाख के पास 3.81 एकड़ जमीन चिन्हित कराई गई थी। हाई टेंशन तार और पोल हटवाने तक की प्रक्रिया पूरी कराई तिवारी ने बताया कि उन्होंने उस भूखंड के ऊपर से गुजर रहे हाई टेंशन तार और पोल हटवाने तक की प्रक्रिया पूरी कराई। उन्होंने इस संबंध में एग्रीमेंट भी कराया, जिसका लिखित प्रमाण उनके पास मौजूद है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि वे ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ या ‘पेड प्रमोशन’ की राजनीति नहीं करते, लेकिन वर्तमान जनप्रतिनिधि द्वारा झूठा श्रेय लेने के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से ये तथ्य रखने पड़े। भूमि उपलब्ध कराने का श्रेय वर्तमान सरकार के प्रयासों को दिया दूसरी ओर, सदर विधायक आनंद मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भूमि उपलब्ध कराने का श्रेय वर्तमान सरकार के प्रयासों को दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में स्थापना के बाद से विद्यालय अस्थायी रूप से एम.पी. हाई स्कूल परिसर में संचालित हो रहा था। विधायक मिश्र ने कहा कि भूमि आवंटन से विद्यालय को स्थायी स्वरूप देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व और शिक्षा मंत्री की प्राथमिकता का परिणाम बताया और चुनाव के बाद सौ दिनों के भीतर भूमि आवंटन का अपना संकल्प पूरा होने की बात कही। भवन निर्माण की दिशा में विभागीय पहल शुरू की जाएगी आनंद मिश्रा ने जिला प्रशासन, विशेषकर जिला पदाधिकारी और अंचलाधिकारी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण की दिशा में विभागीय पहल शुरू की जाएगी। फिलहाल, बक्सर की जनता विकास कार्य के स्वागत के साथ-साथ इस सियासी संग्राम पर भी नजर बनाए हुए है।


