US military attack Iran: अमेरिकी सेना इस सप्ताह के अंत तक ईरान पर हमले के लिए तैयार है, हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक सशस्त्र कार्रवाई को मंजूरी देने पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। यह जानकारी अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में अमेरिका की बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती हो चुकी है, जिसमें युद्धपोत, लड़ाकू विमान और हवा में ईंधन भरने वाले विमान शामिल हैं। इससे ईरान के खिलाफ लंबे सैन्य अभियान की संभावना बनती दिख रही है। बता दें कि पहले अमेरिका ने वेनेजुएला पर कार्रवाई कर निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया था।
व्हाइट हाउस को दी गई तैयारियों की जानकारी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस को बताया गया है कि सेना सप्ताह के अंत तक हमले के लिए तैयार है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप अभी इस कदम को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। बताया जा रहा है कि ट्रंप निजी तौर पर सैन्य कार्रवाई के पक्ष और विपक्ष दोनों पर विचार कर रहे हैं और सलाहकारों व सहयोगियों से राय ले रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, “ट्रंप इस मुद्दे पर काफी समय से गहराई से सोच रहे हैं।” अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सप्ताहांत तक कोई अंतिम फैसला होगा या नहीं।”
परमाणु समझौते पर तनाव
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि यदि ईरान के साथ चल रही वार्ताएं नए परमाणु समझौते तक नहीं पहुंचतीं, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में 2018 में ईरान परमाणु समझौता रद्द कर दिया था।
मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा
ईरान के आसपास पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी तेजी से बढ़ी है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, फिलहाल क्षेत्र में अमेरिका के 13 युद्धपोत मौजूद हैं—जिनमें एक विमानवाहक पोत, नौ डेस्ट्रॉयर और तीन लिटोरल कॉम्बैट शिप शामिल हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत भी अटलांटिक महासागर से मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जिसके साथ तीन डेस्ट्रॉयर भी हैं। दरअसल, पिछले साल जून में भी अमेरिका ने इजराइल के 12-दिवसीय हमलों के दौरान ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाते समय दो विमानवाहक पोत तैनात किए थे।


