नालंदा में 17 हजार किसानों के खेतों तक पहुंची बिजली:51 कृषि फीडर बनकर तैयार, 13 पर काम जारी; 2,640 नए ट्रांसफार्मर लगाने का लक्ष्य

नालंदा में 17 हजार किसानों के खेतों तक पहुंची बिजली:51 कृषि फीडर बनकर तैयार, 13 पर काम जारी; 2,640 नए ट्रांसफार्मर लगाने का लक्ष्य

नालंदा जिले में ‘हर खेत को पानी’ पहुंचाने की राज्य सरकार की मुहिम अब धरातल पर रंग लाती दिख रही है। खेतों तक बिजली पहुंचने से सिंचाई के लिए मानसून की बारिश और महंगे डीजल इंजन पर किसानों की निर्भरता खत्म हो रही है। डीएम कुंदन कुमार ने कृषि कार्यों के लिए बनाए जा रहे विद्युत संरचनाओं और योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान यह बात सामने आई कि मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना-2 और आरडीएसएस (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत जिले में अब तक 17,030 किसानों के खेतों तक बिजली का कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है। बिछ रहा फीडर और ट्रांसफार्मर का जाल बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुदूर खेतों तक बिना किसी रूकावट के निर्बाध बिजली पहुंचाने के लिए जिले में कुल 64 नए कृषि फीडर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से 51 फीडर का निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें चालू भी कर दिया गया है, जबकि शेष 13 फीडर पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। खेतों में मोटर चलाने के दौरान वोल्टेज की समस्या न हो, इसके लिए जिले में 2,640 नए ट्रांसफार्मर लगाने का लक्ष्य है। इनमें अब तक 1,930 ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 11 केवी और एलटी लाइन बिछाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। शेष किसानों का इंतजार भी जल्द होगा खत्म कृषि विद्युत कनेक्शन के लिए बिजली विभाग को जिले भर से कुल 20,308 किसानों के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 17 हजार से अधिक आवेदकों के खेतों तक बिजली पहुंच चुकी है। हालांकि, अभी भी 3,278 किसान कतार में हैं। डीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि शेष बचे इन सभी आवेदकों के खेतों तक भी जल्द से जल्द बिजली पहुंचाई जाए ताकि उन्हें आने वाले कृषि सीजन में इसका लाभ मिल सके। जून 2026 तक काम पूरा करने की है डेडलाइन बिजली विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोजेक्ट) संदीप कुमार ने बताया कि इस पूरी योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए जून 2026 तक की डेडलाइन तय की गई है। कार्य में लगी एजेंसी को हर हाल में तय समय पर काम पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया है। वर्तमान में खेतों में रबी की फसल लगी हुई है, जिस कारण तार, पोल और ट्रांसफार्मर लगाने के काम में थोड़ी व्यावहारिक परेशानी आ रही है। जैसे ही खेतों से फसल की कटाई पूरी होगी, काम की रफ्तार गति पकड़ लेगी और समय रहते योजना को पूरी तरह धरातल पर उतार लिया जाएगा। नालंदा जिले में ‘हर खेत को पानी’ पहुंचाने की राज्य सरकार की मुहिम अब धरातल पर रंग लाती दिख रही है। खेतों तक बिजली पहुंचने से सिंचाई के लिए मानसून की बारिश और महंगे डीजल इंजन पर किसानों की निर्भरता खत्म हो रही है। डीएम कुंदन कुमार ने कृषि कार्यों के लिए बनाए जा रहे विद्युत संरचनाओं और योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान यह बात सामने आई कि मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना-2 और आरडीएसएस (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत जिले में अब तक 17,030 किसानों के खेतों तक बिजली का कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है। बिछ रहा फीडर और ट्रांसफार्मर का जाल बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुदूर खेतों तक बिना किसी रूकावट के निर्बाध बिजली पहुंचाने के लिए जिले में कुल 64 नए कृषि फीडर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से 51 फीडर का निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें चालू भी कर दिया गया है, जबकि शेष 13 फीडर पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। खेतों में मोटर चलाने के दौरान वोल्टेज की समस्या न हो, इसके लिए जिले में 2,640 नए ट्रांसफार्मर लगाने का लक्ष्य है। इनमें अब तक 1,930 ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 11 केवी और एलटी लाइन बिछाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। शेष किसानों का इंतजार भी जल्द होगा खत्म कृषि विद्युत कनेक्शन के लिए बिजली विभाग को जिले भर से कुल 20,308 किसानों के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 17 हजार से अधिक आवेदकों के खेतों तक बिजली पहुंच चुकी है। हालांकि, अभी भी 3,278 किसान कतार में हैं। डीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि शेष बचे इन सभी आवेदकों के खेतों तक भी जल्द से जल्द बिजली पहुंचाई जाए ताकि उन्हें आने वाले कृषि सीजन में इसका लाभ मिल सके। जून 2026 तक काम पूरा करने की है डेडलाइन बिजली विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोजेक्ट) संदीप कुमार ने बताया कि इस पूरी योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए जून 2026 तक की डेडलाइन तय की गई है। कार्य में लगी एजेंसी को हर हाल में तय समय पर काम पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया है। वर्तमान में खेतों में रबी की फसल लगी हुई है, जिस कारण तार, पोल और ट्रांसफार्मर लगाने के काम में थोड़ी व्यावहारिक परेशानी आ रही है। जैसे ही खेतों से फसल की कटाई पूरी होगी, काम की रफ्तार गति पकड़ लेगी और समय रहते योजना को पूरी तरह धरातल पर उतार लिया जाएगा।  

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