झारखंड विधानसभा बजट सत्र; दूसरा दिन:प्रथम पाली‎ में प्रश्नकाल, लिए जाएंगे अल्पसूचित-तारांकित प्रश्न, अभिभाषण पर बहस शामिल

झारखंड विधानसभा बजट सत्र; दूसरा दिन:प्रथम पाली‎ में प्रश्नकाल, लिए जाएंगे अल्पसूचित-तारांकित प्रश्न, अभिभाषण पर बहस शामिल

18‎ फरवरी से प्रारंभ हो कर 19 ‎मार्च तक चलने वाले विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन विधानसभा में गुरुवार को प्रथम पाली ‎में प्रश्नकाल होगा। इस दौरान सदस्यों के‎ अल्पसूचित एवं तारांकित प्रश्न लिए जाएंगे। ‎साथ ही प्रश्नों के उत्तर भी आएंगे। इसके ‎अलावा शून्यकाल की सूचनाएं भी ली जाएंगी। ‎वहीं, दूसरी पाली में राज्यपाल के अभिभाषण‎ पर धन्यवाद प्रस्ताव एवं वाद-विवाद होगा। स्पीकर ने सत्र के पहले दिन‎‎ सभापतियों का मनोनयन व‎‎ कार्यमंत्रणा समिति का गठन किया।‎‎ सभापतियों में स्टीफन मरांडी, सीपी‎‎ सिंह, निरल पूर्ति, रामचंद्र सिंह और‎‎ नीरा यादव शामिल हैं। वहीं‎‎ कार्यमंत्रणा समिति में स्पीकर अध्यक्ष‎‎ और सदस्यों में हेमंत सोरेन,‎‎राधाकृष्ण किशोर, बाबूलाल मरांडी,‎‎प्रदीप यादव, निरल पूर्ति व अरूप‎ चटर्जी के नाम शामिल हैं। जबकि, विशेष आमंत्रित सदस्यों में दीपक ‎बिरूआ, सीपी सिंह, मथुरा प्रसाद महतो, नवीन जायसवाल, स्टीफन मरांडी,‎सरयू राय, सुरेश पासवान, जनार्दन पासवान, बसंत सोरेन, नीरा यादव,‎कल्पना सोरेन, निर्मल महतो व जयराम महतो के नाम हैं। वहीं, विधानसभा के‎ प्रभारी सचिव समिति के सचिव होंगे।‎ लोकतंत्र की‎ शक्ति सार्थक संवाद में निहित विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने‎ सदन में अपने प्रारंभिक‎ वक्तव्य में कहा कि लोकतंत्र की‎ शक्ति सार्थक संवाद में निहित है। ‎इसलिए आलोचना, विमर्श, विचारों ‎का आदान-प्रदान हो, लेकिन सदन ‎की कार्यवाही गरिमा एवं अनुशासन के ‎साथ संचालित हो। अपेक्षा की कि‎ बहस तथ्यपरक, तर्कसंगत व‎जनोन्मुखी होगी।‎ उन्होंने कहा कि झारखंड ‎विधानसभा का बजट सत्र वर्ष 2026‎ का अत्यंत महत्वपूर्ण सत्र है। बजट‎ सत्र केवल आय-व्यय का‎ लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का अवसर‎ नहीं होता, बल्कि यह राज्य की ‎विकास यात्रा का मार्गदर्शक दस्तावेज ‎भी होता है। स्पीकर ने कहा कि बजट‎ सत्र में सभी सदस्यों को अनुदान मांगों ‎पर चर्चा, कटौती प्रस्तावों के माध्यम ‎से समीक्षा तथा नीतिगत सुझाव प्रस्तुत‎ करने का अवसर प्राप्त होगा। वार्षिक ‎बजट राज्य की भावी दिशा, विकास ‎की प्राथमिकताओं तथा संसाधनों के‎ न्यायसंगत वितरण का आधार बनेगा।‎ 19 मार्च तक चलेगा सत्र, 24 ‎फरवरी को पेश होगा बजट‎ विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 18‎ फरवरी से प्रारंभ हुआ यह सत्र 19‎ मार्च तक चलेगा। सत्र में कुल 17‎ कार्य दिवस निर्धारित हैं। इन 17 कार्य‎दिवसों में बजट सहित राज्य की ‎नीतियों, योजनाओं, वित्तीय‎ प्राथमिकताओं तथा जनहित के विविध ‎विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया ‎जाएगा। इस सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष ‎2025-2026 का तृतीय अनुपूरक ‎बजट प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, 24‎ फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27‎ का वार्षिक बजट सदन के पटल पर ‎रखा जाएगा।‎ निकाय चुनाव को लेकर 23 की‎ कार्यवाही अब 21 फरवरी को‎ राज्य में आसन्न नगर निकाय चुनाव को ‎लेकर 23 फरवरी को मतदान होना है। इसे‎ देखते हुए 23 फरवरी को होने वाली सदन‎ की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है।‎ यह कार्यवाही अब 21 फरवरी को ही होगी।‎ बुधवार को सदन की कार्यवाही समाप्त होने ‎के बाद हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में‎ यह निर्णय लिया गया। बैठक में स्पीकर‎ रबींद्रनाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन‎ के अलावा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित‎ थे। 18‎ फरवरी से प्रारंभ हो कर 19 ‎मार्च तक चलने वाले विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन विधानसभा में गुरुवार को प्रथम पाली ‎में प्रश्नकाल होगा। इस दौरान सदस्यों के‎ अल्पसूचित एवं तारांकित प्रश्न लिए जाएंगे। ‎साथ ही प्रश्नों के उत्तर भी आएंगे। इसके ‎अलावा शून्यकाल की सूचनाएं भी ली जाएंगी। ‎वहीं, दूसरी पाली में राज्यपाल के अभिभाषण‎ पर धन्यवाद प्रस्ताव एवं वाद-विवाद होगा। स्पीकर ने सत्र के पहले दिन‎‎ सभापतियों का मनोनयन व‎‎ कार्यमंत्रणा समिति का गठन किया।‎‎ सभापतियों में स्टीफन मरांडी, सीपी‎‎ सिंह, निरल पूर्ति, रामचंद्र सिंह और‎‎ नीरा यादव शामिल हैं। वहीं‎‎ कार्यमंत्रणा समिति में स्पीकर अध्यक्ष‎‎ और सदस्यों में हेमंत सोरेन,‎‎राधाकृष्ण किशोर, बाबूलाल मरांडी,‎‎प्रदीप यादव, निरल पूर्ति व अरूप‎ चटर्जी के नाम शामिल हैं। जबकि, विशेष आमंत्रित सदस्यों में दीपक ‎बिरूआ, सीपी सिंह, मथुरा प्रसाद महतो, नवीन जायसवाल, स्टीफन मरांडी,‎सरयू राय, सुरेश पासवान, जनार्दन पासवान, बसंत सोरेन, नीरा यादव,‎कल्पना सोरेन, निर्मल महतो व जयराम महतो के नाम हैं। वहीं, विधानसभा के‎ प्रभारी सचिव समिति के सचिव होंगे।‎ लोकतंत्र की‎ शक्ति सार्थक संवाद में निहित विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने‎ सदन में अपने प्रारंभिक‎ वक्तव्य में कहा कि लोकतंत्र की‎ शक्ति सार्थक संवाद में निहित है। ‎इसलिए आलोचना, विमर्श, विचारों ‎का आदान-प्रदान हो, लेकिन सदन ‎की कार्यवाही गरिमा एवं अनुशासन के ‎साथ संचालित हो। अपेक्षा की कि‎ बहस तथ्यपरक, तर्कसंगत व‎जनोन्मुखी होगी।‎ उन्होंने कहा कि झारखंड ‎विधानसभा का बजट सत्र वर्ष 2026‎ का अत्यंत महत्वपूर्ण सत्र है। बजट‎ सत्र केवल आय-व्यय का‎ लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का अवसर‎ नहीं होता, बल्कि यह राज्य की ‎विकास यात्रा का मार्गदर्शक दस्तावेज ‎भी होता है। स्पीकर ने कहा कि बजट‎ सत्र में सभी सदस्यों को अनुदान मांगों ‎पर चर्चा, कटौती प्रस्तावों के माध्यम ‎से समीक्षा तथा नीतिगत सुझाव प्रस्तुत‎ करने का अवसर प्राप्त होगा। वार्षिक ‎बजट राज्य की भावी दिशा, विकास ‎की प्राथमिकताओं तथा संसाधनों के‎ न्यायसंगत वितरण का आधार बनेगा।‎ 19 मार्च तक चलेगा सत्र, 24 ‎फरवरी को पेश होगा बजट‎ विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 18‎ फरवरी से प्रारंभ हुआ यह सत्र 19‎ मार्च तक चलेगा। सत्र में कुल 17‎ कार्य दिवस निर्धारित हैं। इन 17 कार्य‎दिवसों में बजट सहित राज्य की ‎नीतियों, योजनाओं, वित्तीय‎ प्राथमिकताओं तथा जनहित के विविध ‎विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया ‎जाएगा। इस सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष ‎2025-2026 का तृतीय अनुपूरक ‎बजट प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, 24‎ फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27‎ का वार्षिक बजट सदन के पटल पर ‎रखा जाएगा।‎ निकाय चुनाव को लेकर 23 की‎ कार्यवाही अब 21 फरवरी को‎ राज्य में आसन्न नगर निकाय चुनाव को ‎लेकर 23 फरवरी को मतदान होना है। इसे‎ देखते हुए 23 फरवरी को होने वाली सदन‎ की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है।‎ यह कार्यवाही अब 21 फरवरी को ही होगी।‎ बुधवार को सदन की कार्यवाही समाप्त होने ‎के बाद हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में‎ यह निर्णय लिया गया। बैठक में स्पीकर‎ रबींद्रनाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन‎ के अलावा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित‎ थे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *